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गंगा नदी में ये दो दिन नाव चलाने पर प्रतिबंध, पटना जिला प्रशासन का आदेश

पटना में क्रिसमस और न्यू ईयर को गंगा नदी में निजी बोटों और नावों का परिचालन बैन रहेगा. जिला प्रशासन ने आदेश दिया है.

Ban on boating in Ganga on New Year
पटना जिला प्रशासन का आदेश (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 20, 2025 at 2:46 PM IST

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पटना: नए साल के मौके पर गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के मद्देनज़र 1 जनवरी 2026 को पटना सदर अनुमंडल क्षेत्र में गंगा नदी में निजी नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. यह आदेश 31 दिसंबर 2025 की सुबह 6 बजे से लेकर 1 जनवरी 2026 की रात तक प्रभावी रहेगा.

गंगा नदी पर इस दिन नहीं चलेगी नाव: दरअसल, हर साल 1 जनवरी को गंगा स्नान और पिकनिक के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर पहुंचते हैं. खासकर पटना के गंगा घाटों पर भीड़ अपेक्षाकृत ज्यादा रहती है. इस दौरान अक्सर यह देखने में आता है कि नाविक क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर बैठाकर नदी पार कराते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है.

क्रिसमस को लेकर भी आदेश: संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है. वहीं अनुमंडल दंडाधिकारी के द्वारा 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के मौके पर भी नाव परिचालन बंद रखने का आदेश निर्गत किया गया है, क्योंकि क्रिसमस के दिन भी गंगा घाटों पर काफी भीड़ भाग देखने को मिलती है.

Ban on boating in Ganga on New Year
पटना जिला प्रशासन का आदेश (ETV Bharat)

पूर्ण रूप से नाव परिचालन पर बैन: अनुमंडल दंडाधिकारी पटना सदर गौरव कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत यह प्रतिबंध लगाया गया है. आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि में किसी भी निजी नाव या बोट का बिना अनुमति गंगा नदी में परिचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

2017 की घटना का हवाला: प्रशासन ने अपने आदेश में पूर्व में हुई एक बड़ी दुर्घटना का भी हवाला दिया है. गौरतलब है कि 14 जनवरी 2017 को मकर संक्रांति के दिन पटना के गांधी घाट के पास नाव पलटने की एक दर्दनाक घटना सामने आई थी. उस हादसे में करीब 21 लोगों की मौत हो गई थी.

क्या हुआ था साल 2017 को: मृतक सभी पतंग महोत्सव से लौट रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था. उसी दर्दनाक अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता है. अधिकारियों का मानना है कि नए साल के जश्न के दौरान यदि नाव परिचालन खुला रहा, तो भीड़ के दबाव में ओवरलोडिंग की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ जाएगा.

Ban on boating in Ganga on New Year
पटना जिला प्रशासन का आदेश (ETV Bharat)

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रतिबंध अवधि के दौरान गंगा नदी में नाव से आवागमन न करें. साथ ही, घाटों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी ताकि आदेश का सख्ती से पालन कराया जा सके.

सख्त कार्रवाई की निर्देश: प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. नए साल का जश्न मनाते समय किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है. जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि लोग सहयोग करेंगे और नियमों का पालन कर सुरक्षित तरीके से नए साल का स्वागत करेंगे.

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