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झारखंड विधानसभा में ब्लड डोनेशन कैंप: सीएम, स्पीकर सहित कई माननीयों ने किया रक्तदान

झारखंड विधानसभा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया.

Blood Donation Camp at Jharkhand Legislative Assembly Complex in Ranchi
रक्तदान करते सीएम (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : March 16, 2026 at 4:00 PM IST

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रांचीः ब्लड की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार इन दिनों ब्लड डोनेशन कैंप लगाने पर जोर दिया है. बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा में आज सोमवार को ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया गया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो, मंत्री दीपिका पांडे सिंह के अलावा कई विधायक और विधानसभा सचिवालय के कर्मियों ने रक्तदान किया.

झारखंड विधानसभा में रक्तदान शिविर (ETV Bharat)

इस मौके पर स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि यह महादान है जिसके माध्यम से किसी की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि खून की कमी की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के लिए जरूर रक्तदान करना चाहिए. खून किसी लैब में नहीं बनता है बल्कि आदमी के शरीर में यह रहता है जिसे हर छह महीने पर डोनेट किया जाय तो शरीर के लिए फायदेमंद होता है.

Blood Donation Camp at Jharkhand Legislative Assembly Complex in Ranchi
रक्तदान शिविर में स्पीकर (ETV Bharat)

उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ महिला पुरुष को रक्तदान करना चाहिए. रक्त की कमी से प्रत्येक साल न जाने कितने लोगों की जान चली जाती है. ऐसे में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पता है सड़क दुर्घटना हो या कोई अन्य गंभीर बीमारी से हजारों लोगों की समय जान चली जाती है. रक्तदान करना बहुत जरूरी है प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए.

इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कोई कमी नहीं होती है 6 माह में आप रक्तदान कर सकते हैं. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि रक्त की कमी के कारण से कई लोग परेशान होते हैं ऐसे में रक्तदान जरूर करना चाहिए जिससे विपरीत परिस्थिति में किसी की जान बच सके.

Blood Donation Camp at Jharkhand Legislative Assembly Complex in Ranchi
रक्तदान शिविर में मंत्री समेत अन्य (ETV Bharat)

झारखंड हाईकोर्ट दे चुका है महत्वपूर्ण आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने दिसंबर 2025 में अपने एक फैसले में कहा था कि सूबे के किसी भी अस्पताल में मरीजों या उनके परिजनों से खून के बदले खून की मांग नहीं की जा सकती. अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि जरूरतमंद मरीज को खून मुहैया कराना अस्पताल और संबंधित ब्लड बैंक की जिम्मेदारी है. किसी भी परिस्थिति में मरीज या उनके परिजनों पर डोनर लाने का दबाव नहीं बनाया जा सकता. अगर कोई अस्पताल या ब्लड बैंक इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

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