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झारखंड में अब हर जिले में बनेगी रक्तदान जागरुकता एवं मॉनिटरिंग समिति, मुख्य सचिव का आदेश जारी, उपायुक्त होंगे अध्यक्ष

झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने राज्य के हर जिले में रक्तदान जागरुकता एवं मॉनिटरिंग समिति गठित करने का निर्देश दिया है.

Formation of BDAMC in Jharkhand
प्रतीकात्मक तस्वीर. (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 9, 2026 at 2:14 PM IST

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रांचीः झारखंड सरकार ने राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने 7 जुलाई 2026 को सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों, वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर प्रत्येक जिले में ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमेटी (BDAMC) के गठन का निर्देश दिया है. समिति का गठन उपायुक्त की अध्यक्षता में किया जाएगा.

हाईकोर्ट के आदेश पर उठाया गया कदम

मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट के विभिन्न जनहित याचिकाओं W.P. (PIL) संख्या 6062/2025, 2971/2020, 2413/2021 एवं 4688/2025 में पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया है. न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग और राज्य रक्त संक्रमण परिषद (SBTC) को निर्देश दिया है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से राज्य में रक्त संग्रह को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए.

पत्र में उल्लेख किया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार किसी भी जिले की वार्षिक रक्त आवश्यकता उसकी कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत होती है. स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ रक्त की मांग लगातार बढ़ रही है. विशेष रूप से थैलेसीमिया, सिकल सेल और अन्य रक्ताधान-निर्भर मरीजों के लिए नियमित एवं सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना आवश्यक है.

मुख्य सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में अब तक 3,68,345 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया है. इसके लिए 3,798 स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 1,27,035 यूनिट रक्त एकत्र हुआ. हालांकि विभिन्न जिलों में रक्त संग्रह और शिविरों के आयोजन में अभी भी काफी असमानता है इसे देखते हुए रक्त संग्रह, उपयोग और भंडारण की सुव्यवस्थित एवं समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना आवश्यक है.

समिति की संरचना

  • उपायुक्त-अध्यक्ष
  • वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक
  • समादेष्टा, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जिलों में)
  • उप विकास आयुक्त – उपाध्यक्ष
  • प्रमंडल वन अधिकारी
  • सिविल सर्जन–सचिव
  • सरकारी एवं निजी रक्त केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारी
  • जिला जनसंपर्क पदाधिकारी
  • जिले में आईएमए के प्रतिनिधि
  • अन्य संबंधित हितधारक सदस्य होंगे.
  • समिति की बैठक प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी.

समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां

  • थैलेसीमिया, सिकल सेल एवं अन्य रक्ताधान-निर्भर मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करना.
  • रक्त की TTI (Transfusion Transmitted Infection) जांच के पांच मानकों मसलन एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया और सिफिलिस की अनिवार्य जांच सुनिश्चित करना.
  • जिले में रक्त एवं रक्त अवयवों की आवश्यकता का आकलन कर WHO मानकों के अनुरूप वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करना.
  • स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का वार्षिक एवं मासिक कैलेंडर तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करना.
  • eRaktKosh पोर्टल पर रक्त संग्रह, भंडारण और संबंधित आंकड़ों का समयबद्ध एवं नियमित अद्यतन सुनिश्चित करना.
  • जिले के सरकारी और गैर-सरकारी रक्त केंद्रों में रक्त संग्रह, उपयोग एवं भंडारण की नियमित समीक्षा करना.

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