सोनीपत फैक्ट्री में ब्लास्ट, बिहार की 5 महिलाएं झुलसी, जिंदगी मौत की लड़ रही जंग
सोनीपत में फैक्ट्री में ब्लास्ट के मामले में 15 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की.

Published : February 28, 2026 at 8:04 PM IST
सोनीपत: बहालगढ़ स्थित लिवासपुर गांव के पास अवैध रूप से चल रही लाइटर तोड़ने की फैक्ट्री में धमाका हुआ. ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि पांच प्रवासी महिलाएं इसकी चपेट में आ गई. पांचों प्रवासी महिलाओं का इलाज बहालगढ़ के रामा अस्पताल में चल रहा है. जहां पांचों जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही हैं.
प्रवासी महिलाओं के साथी मरीजों ने कहा कि ये हादसा नहीं बल्कि सिस्टम की लापरवाही है.
सोनीपत में फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक छोटे से कमरे में गैस भरे लाइटर तोड़े जा रहे थे. ना सुरक्षा, ना फायर सिस्टम, ना कोई लाइसेंस. तेज धमाका हुआ और चीखें गूंजी उठी. कमरे में धुआं भर गया और पांच महिलाएं आग के बीच फंस गईं. धमाके में बिहार के छपरा की शिवानी, रेनू, पिंकी, मंगोया और ममता अंदर ही फंस गईं, जिससे ये महिलाएं बुरी तरह झुलस गई. किसी तरह आसपास के लोगों ने गंभीर हालत में इन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है.
ब्लास्ट में 5 महिलाएं झुलसी: बताया जा रहा है कि ये अवैध फैक्ट्री सोनीपत के पंकज नाम के व्यक्ति की है, जो हादसे के बाद से फरार है. दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठा है. इस मामले को लेकर मीडिया ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत करना चाही, तो अधिकारी एक-दूसरे पर बात टालते दिखाई दिए. कोई भी स्पष्ट बयान देने को तैयार नहीं था.
पुलिस ने मामले पर चुप्पी साधी: हादसे के लगभग 15 घंटे बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. जो अपने आप में गंभीर सवाल खड़ा करता है. आखिर प्रशासन की नाक तले ये अवैध फैक्ट्री कब से चल रही थी? क्या स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी? सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा किया गया? अब सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है कि आखिर इन पांच जली हुई जिंदगियों का जिम्मेदार कौन है?

