केदारनाथ VIP मेहमाननवाजी मामला: BKTC ने दिए जांच आदेश, 'दान' का खर्च टटोलेगी चार सदस्यीय कमेटी
केदारनाथ धाम में बीकेटीसी के खर्च पर नेताओं की मेहमाननवाजी मामले में चार सदस्य जांच कमेठी का गठन किया गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 27, 2026 at 4:24 PM IST
देहरादून: अक्सर चर्चाओं में रहने वाली बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है. इस बार मामला बेहद गंभीर है. आरोप है कि श्रद्धालुओं की ओर से दानपात्र में चढ़ाई गई राशि का इस्तेमाल नेताओं, उनके परिजनों और खास लोगों की आवभगत में किया गया. इन आरोपों के बाद बीकेटीसी ने मामले को गंभीरता लिया और इसलिए बीकेटीसी ने मामले की जांच के आदेश देते हुए एक जांच समिति का गठन भी किया है.
दरअसल, एक RTI के जरिए जानकारी सामने आई कि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी व भाजपा नेता नेहा जोशी के साल 2025 में केदारनाथ प्रवास के दौरान उनकी यात्रा और विशेष व्यवस्थाओं के लिए दो दिन में 60 हजार रुपए खर्च किए गए. इसके अलावा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल समेत कई अन्य नेताओं की मेहमाननवाजी में भी इस तरह बीकेटीसी का पैसा खर्च किया गया.
इस आरोपों के बाद खुद नेहा जोशी और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से बीकेटीसी अध्यक्ष को जांच के लिए पत्र लिखा गया था. अब इस मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक जांच समिति गठित कर दी है, जो इस मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच करेगी.
चार सदस्य जांच समितिमें बीकेटीसी के सीईओ और वित्त नियंत्रक के अलावा दो अन्य लोग है. जांच समिति को 20 दिन का समय दिया गया है. ताकि जांच के बाद रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को भेजने के साथ ही सार्वजनिक की जा सके.
यह मामला सोशल मीडिया के जरिए मेरे संज्ञान में आया है, जिसको देखते हुए बतौर बीकेटीसी अध्यक्ष के रूप में मैंने इस पूरे मामले की जांच के लिए जांच समिति गठित कर दी है. जांच समिति को बीस दिन का समय दिया गया है. जांच रिपोर्ट को शासन को भी भेजी जाएगी.
- हेमंत द्विवेदी, बीकेटीसी अध्यक्ष -
इसके साथ ही बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. वर्तमान समय में क्या सही है और क्या गलत यह कहना उचित नहीं है. फिलहाल तो यही कहा जा सकता है कि ये एक बड़ा बड़ा षड्यंत्र है, जिसके तहत सरकार और मंदिर समिति की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है. ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नेहा जोशी और जिला अध्यक्ष का पत्र भी प्राप्त हुआ है. इसमें जांच समिति इन लोगों से भी बातचीत करेगी. लेकिन इस घटनाक्रम के जरिए सरकार और मंदिर समिति की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है.
- हेमंत द्विवेदी, बीकेटीसी अध्यक्ष -
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरटीआई से प्राप्त सूचना में एक नोट शीट भी होता है, जिसमें प्रस्ताव समेत अन्य जानकारियां लिखी होती हैं, लेकिन नोट सीट को सार्वजनिक नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आरटीआई लगाना अच्छी बात है, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो सके, लेकिन सिर्फ एक साल की ही आरटीआई क्यों लगाई गई? वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है. ऐसे में बीकेटीसी के अंदर कोई अन्य अनियमितता के मामले सामने आते हैं तो उसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि फिलहाल जो मामला सामने आया है, उसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि मंत्री समिति के दान का पैसा वीआईपी के मेहमाननवाजी में इस्तेमाल किया गया है, जो एक गंभीर विषय है. ऐसे में फिलहाल इसकी जांच के लिए जांच समिति गठित की गई है, लेकिन जिन लोगों ने आरटीआई के जरिए सूचना प्राप्त की है कि उन लोगों को पुराने कार्यकाल से संबंधित सूचनाओं के लिए भी आरटीआई लगानी चाहिए थी.
पूरा मामला जानिए: दरअसल, RTI एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता विकेश नेगी ने एक आरटीआई लगाई थी. आरटीआई के तहत बीकेटीसी के खर्चों की जानकारी मांगी गई थी, जिसके तहत पता चला कि 2025 की यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी व बीजेपी महिला नेता नेहा जोशी के केदारनाथ प्रवास के दौरान बीकेटीसी ने करीब 60 हजार रुपए खर्च किए हैं. इस तरह केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नाम पर लगभग 37 हजार 500 रुपये खर्च दर्शाए जाने का दावा किया गया है. इन दोनों के अलावा कई और नेताओं के भी नाम हैं. इसलिए इस मामले में अब जांच के आदेश दिए गए हैं. क्योंकि अधिकांश नेताओं का कहना है कि उन्होंने अपने खर्च पर केदारनाथ यात्रा की थी.
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