ETV Bharat / state

निकाय चुनाव 2026: टिकट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल, मंत्री खर्रा बोले- जल्द तस्वीर हो जाएगी साफ

भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने विधायकों की मनमानी और बाहरी लोगों को टिकट नहीं देने जैसे नारे लगाए.

Deliberations on tickets inside; protests by party workers outside.
अंदर टिकटों पर मंथन बाहर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन (ETV Bharat Jaipur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 30, 2026 at 4:13 PM IST

6 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने रविवार को पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम सुना. इसके बाद प्रदेश कार्यालय में जयपुर संभाग के टिकटों को लेकर मंथन शुरू हुआ. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं प्रेमचंद बैरवा के अलावा मंत्री, विधायक, सांसद और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए. जयपुर संभाग की नगरीय निकाय सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर मंथन किया गया. हालांकि, इस दौरान बाहर कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी भी जताई.

बाहर कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे, टिकट वितरण पर उठाए सवाल : भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे. टिकट वितरण को लेकर नाराजगी जताई. कार्यकर्ताओं ने विधायकों की मनमानी और बाहरी लोगों को टिकट नहीं देने जैसे नारे लगाए. कार्यकर्ताओं का कहना था कि टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं की राय और सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

किसने क्या कहा, सुनिए (ETV Bharat Jaipur)

इस पर हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि यहां किसी विधायक की मनमानी नहीं चलती. कार्यकर्ताओं की सामूहिक राय और सहमति के बाद संगठन निर्णय करता है. एक वार्ड से 5, 10 या उससे अधिक नाम सामने आते हैं तो सभी नामों पर चर्चा की जाती है. आखिर में किसी एक व्यक्ति को टिकट दिया जाता है, क्योंकि एक वार्ड से सभी दावेदारों को टिकट देना संभव नहीं है.

पढ़ें: निकाय चुनाव 2026: टिकट को लेकर घमासान, भाजपा-कांग्रेस ने अपनाई गोपनीय रणनीति, चुनावी सस्पेंस के पीछे क्या है माजरा

भाजपा बड़ा परिवार : एमएलए बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि पार्टी सभी कार्यकर्ताओं के सम्मान का ध्यान रख रही है. प्रत्याशियों के नाम अंतिम समय तक घोषित नहीं किए जाने के सवाल पर कहा- भाजपा बड़ा परिवार है. सभी की राय-सहमति लेकर ही निर्णय किया जाता है. माइक्रो लेवल तक जानकारी जुटाकर कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बैठाया जा रहा है.

BJP office bearers and public representatives listening to the 'Mann Ki Baat' program.
मन की बात कार्यक्रम सुनते भाजपा पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि (ETV Bharat Jaipur)

'मन की बात' राजनीतिक नहीं: पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि मोदी के प्रधान सेवक बनने के बाद से देश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए. प्रधानमंत्री हर महीने देश में हो रहे नवाचारों और अपने कार्यों के माध्यम से पहचान बनाने वाले लोगों को मन की बात के जरिए देश-दुनिया के सामने लाते हैं. मन की बात कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है.

पढ़ें: निकाय चुनाव: तीन दिन के मंथन के बीच भाजपा ने कहा-अभी नहीं बताएंगे नाम...जानिए कब आएगी लिस्ट

बूथ स्तर तक की जा रही स्क्रूटनी: राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में एक-एक वार्ड पर चर्चा की जा रही है. जयपुर संभाग के साथ अन्य संभागों को लेकर भी चर्चा हुई है. कई निर्णय हो चुके हैं. अब उन्हें उचित स्तर पर संप्रेषित करने की प्रक्रिया चल रही है. ये कार्यकर्ता का चुनाव है, इसलिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संवाद किया जा रहा है. संवाद के जरिए नीचे तक स्क्रूटनी कर एक-एक नाम तय किया जा रहा है. चुनाव बड़ा है, इसलिए प्रत्याशियों के नामों को कम समय में कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी तय की जा रही है.

बड़ी प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण: चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में 309 नगरीय निकाय और 10 हजार 245 वार्ड हैं. तीन-चार दिन में इतनी बड़ी प्रक्रिया पूरी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं और मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क के कारण ये काम सहजता से किया जा रहा है. भाजपा ने देश में 'एक देश, एक चुनाव' और राजस्थान में 'एक राज्य, एक चुनाव' का संकल्प लिया है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है.

पढ़ें: निकाय चुनाव 2026: भाजपा में बगावत, महिला मोर्चा का जिला कार्यालय में धरना, प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों को जयपुर बुलाया

रविवार शाम तक टिकट पर तस्वीर साफ: उधर, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भाजपा का कुनबा करीब 8 करोड़ सदस्यों का है. ऐसे में कुछ व्यक्तियों को टिकट देना पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण है. पार्टी का हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है. खर्रा ने दावा किया कि रविवार शाम तक टिकट को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. रात होते-होते सभी को इसकी जानकारी मिल जाएगी. सोमवार सुबह प्रत्याशियों को बता दिया जाएगा. जो प्रत्याशी रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में पहुंच जाएगा, रिटर्निंग अधिकारी को उसका नामांकन पत्र लेना होगा.

32 महीने में निष्पक्ष तरीके से कराईं प्रतियोगी परीक्षाएं : सरकार के कार्यकाल को लेकर खर्रा बोले- पिछली सरकार के पांच साल के दौरान युवाओं के साथ खिलवाड़ हुआ. पेपर चोरी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा. भाजपा सरकार ने 32 महीने में कई प्रतियोगी परीक्षाएं कराईं और इन्हें पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराया गया. खर्रा ने दावा किया कि सरकार ने दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया. युवा वर्ग सरकार के काम से खुश है. महिला, मजदूर और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के लिए सरकार ने काम किया.

पढ़ें: Exclusive: भाजपा महामंत्री बगड़ी बोले-नीचे से जो नाम आएंगे, उन्हें ही टिकट...विवाद एवं बगावत की कांग्रेस की आस रहेगी अधूरी

NEET-PG केंद्र पर तकनीकी खराबी पर बोले खर्रा: NEET-PG परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी और बिजली जाने के सवाल पर खर्रा ने कहा कि आधुनिक तकनीकी युग में इस तरह की कमी सामने आई है. भविष्य में ऐसी समस्याओं को कैसे सुधारा जाए, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के अपने विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ के दौरे पर रहने को लेकर खर्रा ने कहा कि ये अच्छी बात है. हर राजनीतिक व्यक्ति को अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहना चाहिए.

पढ़ें: टिकट वितरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने लगाए आरोप, दी कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी