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20 दिन बाद फिर शुरू हुई कार्यकर्ता सुनवाई, सीएम ने भी सुनी समस्याएं

भाजपा कार्यालय पर सोमवार को फिर कार्यकर्ता सुनवाई शुरू हुई, जिसमें परिवादियों की शिकायत का निस्तारण किया गया.

BJP WORKERS HEARING
भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ता दरबार (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 29, 2025 at 5:02 PM IST

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जयपुर: भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं की सुनवाई का दौर एक बार फिर शुरू हुआ. सोमवार को पशुपालन एवं डेयरी, गोपालन और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और राजस्व, उपनिवेशीकरण एवं सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय चौधरी ने कार्यकर्ता सुनवाई की.

कार्यकर्ता सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से सुनवाई के कार्यक्रम सप्ताह में तीन दिन रखा गया है. संगठन ने करीब 20 दिन पहले मंत्रियों के सरकार के दो साल पर हो रहे कार्यक्रमों व सेवा पखवाड़ा में व्यस्त होने के कारण कार्यकर्ता सुनवाई स्थगित कर दी थी, लेकिन अब नियमित तय नियमों के अनुसार कार्यकर्ता सुनवाई होगी.

कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, सुनिए क्या कहा... (ETV Bharat Jaipur)

मौके पर निस्तारण की कोशिश : कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई शुरू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. इसका उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है. कुमावत ने कहा कि सुनवाई के दौरान प्रारंभिक रूप से पशुपालन विभाग से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ बिजली और पानी से संबंधित मुद्दे सामने आए, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही करने के निर्देश दिए गए. जहां आवश्यकता थी, संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश भी दिए गए.

पढ़ें : Save Aravalli : मंत्री जोराराम कुमावत बोले- सरकार संरक्षण के लिए कटिबद्ध, 'सुप्रीम' फैसला के बाद देखेंगे

कुमावत ने कहा कि भजनलाल सरकार राजस्थान को विकसित प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है. इस लक्ष्य की प्राप्ति में भाजपा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी समस्याओं की सुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. मंत्रीगण अपने निवास स्थानों पर जनसुनवाई कर रहे हैं और अब पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों की सुनवाई की व्यवस्था की गई है. इससे पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान और महत्व मिलेगा और संगठन सशक्त होगा.

पहले दो सप्ताह में केवल पांच दिन चली जनसुनवाई : कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए भाजपा ने 1 दिसंबर से प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई शुरू की. सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बुधवार को दो मंत्रियों और पदाधिकारियों की ओर से कार्यकर्ता सुनवाई होनी थी.

परिवाद के पंजीयन के बाद संबंधित मंत्री को भेजा जाना था, ताकि कार्यकर्ता की अनुशंसा पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके, लेकिन पहले फैज में मात्र 5 दिन सुनवाई के कार्यक्रम चला और सुनववाई को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब फिर से कार्यकर्ता सुनवाई शुरू हुई है. हालांकि, मंत्री जोगराम कुमावत ने कहा कि संगठन का दावा है कि भाजपा में यह परंपरा रही है कि सरकार की वर्षगांठ, संगठनात्मक अभियान या बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान कार्यकर्ता सुनवाई को अस्थायी रूप से स्थगित कर जनप्रतिनिधियों को फील्ड में सक्रिय किया जाता है.

क्यों अहम है यह सुनवाई ?

  • सत्ता और संगठन में तालमेल की कोशिश.
  • कार्यकर्ताओ की नाराजगी खत्म करने की कवायद.
  • राजस्थान में 2026 में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले संगठन को एक्टिव मोड पर लाने की कवायद.
  • कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान कर उन्हें इस बात का एहसास कराया की प्रदेश में सरकार उनकी है.
  • कार्यकर्ताओं की सीधी पहुंच सरकार तक.
  • फीडबैक के आधार पर नीतियों और योजनाओं में सुधार.
  • आगामी राजनीतिक गतिविधियों से पहले ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने का प्रयास.

एक साल पहले बंद हो गई थी जनता की सुनवाई : डेढ़ साल पहले जून 2024 में भी भाजपा कार्यालय में जनसुनवाई शुरू की गई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही जनसुनवाई बंद हो गई थी. उसे वक्त संगठन के पदाधिकारी ने ही सुनवाई शुरू की थी. सरकार की ओर से मंत्रियों की जिम्मेदारी नहीं हुई थी. मंत्रियों की गैर मौजूदगी में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा था. इसलिए जनसुनवाई को बंद किया गया था. इससे मंत्रियों और पदाधिकारियों को लेकर आम जनता व कार्यकर्ताओं के बीच गलत मैसेज गया था.

सीएम ने भी सुनी समस्याएं : उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने निवास पर जनसुनवाई की. इस दौरान उन्होंने आमजन की परिवेदनाओं को सुना तथा अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में कोताही नहीं बरतें और सर्वोच्च प्राथमिकता से इनका का निस्तारण करें. सीएम ने लापरवाह कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वोपरि मानते हुए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है. गरीब, युवा, किसान, महिलाओं सहित सभी वर्गों का उत्थान राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का केन्द्र-बिन्दु है. मुख्यमंत्री निवास पर की जा रही जनसुनवाई में भी इन वर्गों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया.