निकाय चुनाव: तीन दिन के मंथन के बीच भाजपा ने कहा-अभी नहीं बताएंगे नाम...जानिए कब आएगी लिस्ट
पार्टी 30 अगस्त तक करेगी कैंडिडेट का चयन. 31 अगस्त को सभी प्रत्याशियों का एक साथ नाम घोषित करेगी पार्टी.

Published : August 29, 2026 at 9:38 PM IST
जयपुर: प्रदेश भाजपा ने निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के ऐलान समय सीमा स्पष्ट कर दी. निकाय चुनाव के प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी ने शनिवार को भाजपा मुख्यालय पर मीडिया से कहा, पार्टी प्रत्याशी चयन में लगी है. अधिकृत घोषणा के बाद ही किसी व्यक्ति को पार्टी का उम्मीदवार माना जाएगा. पार्टी रविवार शाम तक उम्मीदवारों का चयन कर लेगी. 31 अगस्त को सभी कैंडिडेट एक साथ घोषित किए जाएंगे. उन्होंने कहा, प्रदेश में भाजपा ‘ट्रिपल इंजन’ के नाम पर वोट मांगेगी. भाजपा के प्रदेश कार्यालय में तीन दिन से संभागवार प्रत्याशियों के चयन पर मंथन जारी है. कुछ जिले ऐसे हैं, जिनमें सहमति नहीं बन पाई है. अभी रविवार तक का समय और लगेगा.
कोई इशारा नहीं दिया : टिकट दावेदारों को पहले से संकेत दिए जाने के सवाल पर हरीश द्विवेदी ने साफ किया, पार्टी ने आधिकारिक रूप से किसी को कोई इशारा नहीं किया है. चुनाव लड़ने की तैयारी हर दावेदार पहले से करता है, लेकिन प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही आधिकारिक उम्मीदवार होगा. पार्टी ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार को लेकर कोई भी नाम घोषित नहीं किया है. सभी की सूची एक साथ जारी होगी. जब तक पार्टी अधिकृत रूप से सूचित जारी नहीं कर देती, तब तक किसी के इशारे पर किसी को उम्मीदवार नहीं माना जा सकता है. ये जरूर है कि कुछ प्रत्याशी होते जो पहले नामांकन दाखिल कर देते हैं, लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक उन्हें कोई इशारा या आश्वासन नहीं दिया है.
विकास के मुद्दे पर मोदी-भजनलाल का चेहरा : निकाय चुनाव क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी, इस पर द्विवेदी बोले, स्थानीय चुनाव होने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों को जनता के बीच प्रमुखता से रखेंगे. मोदी के नेतृत्व में केंद्र और भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में तेजी से विकास हुआ. बीजेपी निकाय चुनाव में पानी की समस्या के समाधान, युवाओं को रोजगार, अपराध पर नियंत्रण और केंद्र-राज्य की योजनाओं को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में जनता के सामने रखेगी. पार्टी अपने विकास कार्यों की चर्चा नहीं करेगी तो कांग्रेस भी अपने शासन की चर्चा नहीं करेगी. बीजेपी अब निकाय चुनाव को ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के नैरेटिव से जोड़ने की तैयारी में है. द्विवेदी ने दावा किया, यदि केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय में बीजेपी की सरकार होगी तो विकास कार्यों को और तेजी मिलेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि निकाय चुनाव के बाद राजस्थान में ट्रिपल इंजन की सरकार बनेगी.
अनुशासन को लेकर जवाब: पार्टी नेताओं को चुनाव आचार संहिता को लेकर नोटिस दिए जाने के सवाल पर द्विवेदी ने कहा, मेरी जानकारी में अभी ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं हुआ. प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापसी के बाद चुनावी परिस्थितियों के आधार पर अनुशासन से जुड़े मामलों पर विचार किया जाएगा. अभी नामांकन प्रक्रिया की अंतिम तिथि बाकी है. ऐसे में नहीं कह सकते कि किसी ने अनुशासनहीनता की है. पार्टी के कुछ नेता होते हैं जो उत्साह में कुछ कदम उठाते हैं लेकिन वह अभी अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं आएंगे.
जोधपुर के बाद भरतपुर और अब जयपुर पर नजर: इस बीच, भाजपा का संभागवार मंथन तीसरे दिन भी जारी रहा. शनिवार को सबसे पहले जोधपुर संभाग के टिकटों पर चर्चा हुई. शुक्रवार को अधूरी रही जोधपुर संभाग की बैठक शनिवार दिनभर चली. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित संगठन और चुनाव से जुड़े वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. जोधपुर संभाग के बाद देर शाम करीब 7 बजे भरतपुर संभाग के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा शुरू हुई. इसके बाद सबसे अहम जयपुर संभाग के टिकटों पर मंथन हुआ. जयपुर को राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण संभाग माना जा रहा है. लिहाजा यहां प्रत्याशी चयन को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा की संभावना है.
इसलिए समय लगेगा: चुनाव प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी के मुताबिक, टिकटों को लेकर मंथन रविवार को भी जारी रह सकता है. खासतौर पर जिन जिलों में स्थानीय स्तर पर सहमति नहीं बन पाई है, उनके नामों पर दोबारा चर्चा होगी. राजनीतिक तौर पर भाजपा के लिए यह सिर्फ प्रत्याशी चयन नहीं, बल्कि स्थानीय गुटों, विधायकों, संगठन और दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की कवायद भी है. समय कम होने के कारण अंतिम दौर की बैठकों में दबाव और बढ़ गया है.

