क्या यमुना बनेगी शेखावटी में भाजपा के लिए 'गंगा', इन 21 सीटों पर है पार्टी की नजर
शेखावाटी की हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल का स्वागत कार्यक्रम होगा. पेश है जसवंत सोलंकी की रिपोर्ट...

Published : July 2, 2026 at 6:53 PM IST
जयपुर : यमुना जल समझौते को प्रदेश भाजपा केवल विकास परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक और जनसंपर्क स्तर पर भी बड़े अवसर के तौर पर देख रही है. यही वजह है कि अब भाजपा इस समझौते को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शेखावाटी क्षेत्र में व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है. शेखावाटी की सभी 21 विधानसभा सीटों पर विशेष अभियान चलाएगी, जिसमें कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर लोगों को यमुना जल समझौते से होने वाले संभावित लाभों की जानकारी देंगे. इसके साथ आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का हर विधानसभा क्षेत्र में स्वागत कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है.
कमजोर पिच मजबूत पकड़ : राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो शेखावाटी भाजपा के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है. क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का प्रभाव लंबे समय से बना हुआ है और लोकसभा स्तर पर भी भाजपा को यहां अपेक्षित राजनीतिक बढ़त नहीं मिल सकी. ऐसे में भाजपा यमुना जल समझौते को केवल जल परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण बदलने वाले मुद्दे के रूप में भी देख रही है. शेखावाटी क्षेत्र मुख्य रूप से सीकर, झुंझुनू और चूरू जिलों से जुड़ा माना जाता है. इन जिलों की कुल 21 विधानसभा सीटें प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका रखती हैं.
पिछले चुनावी परिणामों में कांग्रेस और विपक्षी दलों की मौजूदगी यहां भाजपा के लिए चुनौती बनी रही. ऐसे में पार्टी का मानना है कि पानी जैसा सीधा जनसरोकार वाला मुद्दा राजनीतिक रूप से भी असर डाल सकता है. भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने बताया कि पार्टी शेखावाटी की सभी विधानसभा सीटों पर विशेष अभियान चलाएगी, जिसमें कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर लोगों को यमुना जल समझौते से होने वाले संभावित लाभों की जानकारी देंगे. बगड़ी ने कहा कि 32 साल से लम्बे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे शेखावाटी क्षेत्र के लिए यह समझौता बड़ा बदलाव वाला साबित होगा. ऐसे में पार्टी इसे राजनीतिक संवाद और जनविश्वास के साथ जोड़कर जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है.

शेखावाटी के तीन प्रमुख जिले : चूरू, झुंझुनू और सीकर में कुल 21 विधानसभा और 3 लोकसभा सीटें हैं. 2023 विधानसभा चुनाव में 21 विधानसभा सीटों में 7 भाजपा, 13 कांग्रेस और 1 अन्य के खाते में रही. चूरू जिले में 6 विधानसभा सीटें, जिसमें से 1 बीजेपी, 4 कांग्रेस और 1 बसपा के पास है. झुंझुनू में 7 विधानसभा सीटें जिसमें से 3 भाजपा और 4 कांग्रेस के पास है. सीकर में 8 विधानसभा सीटों में से 3 भाजपा और 5 कांग्रेस के खाते में हैं. वहीं, तीन लोकसभा सीटें सीकर, झुंझुनू और चूरू कांग्रेस के पास हैं. यही वजह मानी जा रही है कि भाजपा यमुना जल समझौते को शेखावाटी में बड़े राजनीतिक और जनसंपर्क अभियान के रूप में पेश कर रही है, क्योंकि विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तर पर यह क्षेत्र उसके लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है.

सीएम का होगा स्वागत : पार्टी की रणनीति साफ है कि विकास के बड़े फैसले को राजनीतिक संवाद में बदलना और उस क्षेत्र में संगठन को मजबूत करना जहां अब तक अपेक्षित जनाधार नहीं बन पाया. आने वाले समय में शेखावाटी की प्रत्येक विधानसभा सीट पर होने वाले कार्यक्रमों से भाजपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि वर्षों से लंबित मांग को उसकी सरकार ने आगे बढ़ाया है. श्रवण सिंह बागड़ी ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्वागत कार्यक्रम भी होंगे. इन आयोजनों के जरिए सरकार की उपलब्धियों और यमुना जल समझौते के प्रभाव को जनता तक पहुंचाया जाएगा. बगड़ी का कहना है कि यमुना जल समझौता केवल शेखावाटी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के बड़े हिस्से को लाभ मिलने की संभावना है. इसी संदेश को केंद्र में रखकर जागरण अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

पीएम मोदी ने निभाया वादा : यमुना जल समझौते को लेकर शेखावाटी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. भाजपा नेता देवेंद्र झाझड़िया ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता आने वाले समय में शेखावाटी के विकास की नई दिशा तय करेगा. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चूरू आए थे, तब उनसे हर घर तक जल और हर मेड़ तक पानी पहुंचाने का आग्रह किया था. अब यमुना जल समझौते के जरिए उस संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे क्षेत्र के लोगों के लिए यह समझौता राहत और उम्मीद लेकर आया है. कांग्रेस ने तो हरियाणा चुनावी घोषणा पत्र में लिखा था कि हरियाणा का पानी राजस्थान नहीं जाने दिया जाएगा. क्षेत्र की जनता इस फैसले से बेहद उत्साहित है और लोगों को विश्वास है कि आने वाले समय में जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि, पेयजल और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, न केवल शेखावाटी के लोग बल्कि प्रदेश की जनता इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए तैयार है.

यमुना जल समझौता केवल पेयजल और सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि शेखावाटी की राजनीति में भी निर्णायक प्रभाव डाल सकता है. राजनीतिक रूप से शेखावाटी भाजपा के लिए कमजोर रही है. 32 साल पुराना यमुना जल समझौता चूरू, झुंझुनू और सीकर जिले में आगामी पंचायत और निकाय चुनाव बड़ा मुद्दा बनेगा. इस समझौते का क्रियान्वयन तय समय पर आगे बढ़ता है और लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है तो राजनीतिक इतिहास से बीजेपी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा. केवल समझौता करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि परियोजना की प्रगति और धरातल पर दिखने वाले परिणाम ही जनता का विश्वास तय करेंगे. :
-श्याम सुंदर शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक


