झारखंड बजट को भाजपा ने बताया दिशाहीन, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
झारखंड के बजट पर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. भाजपा ने बजट को दिशाहीन बजट बताया है.

Published : February 24, 2026 at 8:05 PM IST
रांचीः हेमंत सरकार द्वारा पेश बजट को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने दिशाहीन और तथ्यहीन बताया है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट रंगहीन है और खुशबू विहीन है. उन्होंने कहा कि 1.58 लाख करोड़ का बजट प्रस्ताव केवल गोल-मटोल आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण है. इसमें राज्य के विकास का कोई विजन नहीं दिखाई पड़ता है.
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि जैसे वित्त मंत्री आधे मन से भाषण पढ़ रहे थे. एक बार भी मुख्यमंत्री ने मेज थपथपा कर प्रोत्साहित नहीं किया. वित्त मंत्री इसे आदर्श बजट बता रहे थे. राज्य के सभी वर्गों युवा, किसान, महिला, उद्यमी से सलाह लेकर बनाया गया बजट बता रहे थे, लेकिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वयं कुछ दिनों पूर्व बयान दिया था कि बजट के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं, मुझसे पदाधिकारी कुछ पूछ नहीं रहे. आदित्य साहू ने कहा कि समझ में नहीं आता कि राज्य सरकार किस दिशा में और कैसे चल रही है, जिसमें राज्य के वित्त मंत्री ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं.
राज्य सरकार पर आदित्य साहू ने किया कटाक्ष
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ किसी के पैर पर झुकने से अच्छा अपने पैरों पर खड़ा होने की बात भी करते हैं. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार को पानी पी-पी कर गाली देते हैं. उन्होंने कहा कि 1 लाख 36 हजार करोड़ के बकाए की बात खूब कर रहे हैं, लेकिन बार-बार पूछने के बाद भी आज तक राज्य की हेमंत सरकार नहीं बता पाई कि कब-कब का किस मद में बकाया है. आदित्य साहू ने कहा यह सरकार केवल इसे मुद्दा बनाकर अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास करती है.
बाल बजट पर कही ये बात
उन्होंने कहा कि सरकार इस बजट को बाल बजट बता रही है, लेकिन राज्य के हजारों लापता बच्चों की कोई चर्चा बजट में नहीं की गई है. इसी राज्य में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाया गया. ऐसे प्रभावित बच्चों के विषय में कोई घोषणा नहीं की गई है.
जेंडर बजट पर दिखाया आईना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि जेंडर बजट की बात कही गई है, लेकिन रोज-रोज राज्य में दुष्कर्म और हत्या हो रही है. ऐसे अपराध पर रोक के लिए कोई विशेष प्रावधान की बात नहीं की गई. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पैसों की कोई कमी नहीं होने की बात की, लेकिन 3200 रुपये क्विंटल धान खरीदने में यह सरकार पूरी तरह विफल रही. 2450 रुपये भी किसानों को नहीं मिले. इसे भी बिचौलिए खा गए.
डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने कहा कि राज्य में डीएमएफटी फंड जो मोदी सरकार की देन है, लेकिन जिस प्रकार से पदाधिकारियों की सुख-सुविधा में इसका दुरुपयोग हुआ है वह जग जाहिर है. आदित्य साहू ने कहा कि इतना बड़ा घोटाला राज्य में हुआ है और इसकी जांच की कोई चर्चा नहीं हुई है. ऐसा लगता है जैसे खाता न बही, जो झामुमो-कांग्रेस कहे वही सही.
उन्होंने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री ने विभागों को पत्र लिखकर 10 हजार करोड़ का हिसाब नहीं मिलने और घोटाला की बात की है, लेकिन बजट में इसकी कोई चर्चा नहीं की है. उन्होंने पिछले बजट खर्च का ब्योरा देते हुए कहा कि अबतक 50% राशि ही राज्य सरकार खर्च कर पाई है. ऐसे में आखिर नए बजट प्रावधान का क्या मतलब.
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