राशि खर्च करने में कृषि विभाग सबसे फिसड्डी! विपक्ष ने उठाया सवाल
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा ने कृषि विभाग पर सवाल उठाया है.

Published : February 26, 2026 at 8:00 PM IST
रिपोर्ट: भुवन किशोर झा
रांचीः एक तरफ राज्य सरकार कृषि सहित विभिन्न विभागों का भारी भरकम बजट पेश की है. वहीं दूसरी ओर चालू वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित राशि खर्च नहीं कर पा रही है. जाहिर तौर पर एक बार फिर भारी भरकम राशि सरेंडर होने के कगार पर है. खर्च करने में सबसे खराब प्रदर्शन कृषि विभाग की देखी जा रही है. इस विभाग ने 31 जनवरी तक महज 36% राशि खर्च की है.
कृषि विभाग के इस परफॉर्मेंस पर बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में विपक्ष के द्वारा उठाया गया. बीजेपी विधायक दल के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने राज्य सरकार के कृषि विभाग के कामकाज पर सवाल खड़ा करते हुए जमकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार कृषि और किसानों के प्रति गंभीर नहीं है. कृषि विभाग का भारी भरकम बजट जान बूझकर दिखाया जाता है क्योंकि खर्च तो उसे 30% ही करना हैं.
विधायक नवीन जायसवाल ने राज्य में धान खरीद में भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए किसानों को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताया. हालांकि सदन के अंदर और बाहर विपक्ष के आरोप पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सफाई देती रही.
कृषि विभाग के बजट पर विपक्ष के साथ-साथ अपनों ने भी की आलोचना
झारखंड विधानसभा में कृषि विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भी विधायक सरकार की आलोचना करते हुए नजर आए. विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए विधायक मनोज यादव ने मांगूर मछली के अवैध कारोबार पर चिंता जाहिर करते हुए विभागीय मंत्री से इसे रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि मांगुर मछली स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
उन्होंने कहा कि डुमरी, बरही सहित कई क्षेत्रों से अवैध कारोबार होता है जिसकी रोकथाम आवश्यक है और इस कारोबार में शामिल कारोबारी पर कार्रवाई करने की जरूरत है. भाजपा विधायक मंजू देवी ने सरकार को ठगुआ सरकार बताते हुए कहा कि हर किसी को ठगने का काम किया गया है, चाहे वह युवा हो, किसान हो, महिला हो सभी इस सरकार से त्रस्त है.
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