लॉटरी के खिलाफ विपक्ष का सदन के बाहर धरना प्रदर्शन, लॉटरी का फैसला नई पीढ़ी को करेगा बर्बाद, सरकार का फैसला गलत
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, प्रदेश पहले ही नशे की चपेट में है. ऐसे में लॉटरी एक और लत को बढ़ावा देगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 2:15 PM IST
शिमला: हिमाचल की सूक्खु सरकार द्वारा शुरू की जा रही लॉटरी के विरोध में विपक्षी दल भाजपा उतर आया है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ भाजपा विधायकों ने बुधवार को विधानसभा की कार्यवाई शुरू होने से पहले सदन के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर पहुचे ओर धरना प्रदर्शन किया ओर सरकार से लॉटरी को बंद करने की मांग उठाई.
लॉटरी के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "सरकार का ये फैसला प्रदेश की नई पीढ़ी को बर्बाद करेगा. इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए. हिमाचल देवभूमि है, यहां के लोग ऐसी प्रवृत्तियों से दूर रहते हैं. सरकार आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर राजस्व के नाम पर नए कर लगा रही है और अब लॉटरी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री कहते हैं कि लॉटरी से आदत नहीं लगेगी, ये सिर्फ भाग्य का खेल है. इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है."
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश पहले ही नशे की चपेट में है, चिट्टा गांव-गांव तक पहुंच गया है. ऐसे में लॉटरी एक और लत को बढ़ावा देगी. पहले भी हिमाचल में लॉटरी से कई परिवार बर्बाद हुए. लोगों की जमीन-घर तक बिक गए, कई लोग कर्ज के कारण आत्महत्या को मजबूर हुए. 1999 के बाद प्रदेश इस लत से बाहर निकला था. सरकार को सोचना चाहिए कि लोगों को मेहनत का फल मिले, न कि हजारों लोगों का पैसा एक आदमी के भाग्य के नाम पर डूब जाए.
'भांग की खेती को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं'
जयराम ठाकुर ने कहा कि, सरकार ने भांग की खेती वैध करने की बात कही है, लेकिन आय को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया. इसके लिए बनी समिति का काम अध्ययन और दौरा करना था, उसने वैध करने की ऐसी कोई सिफारिश नहीं की थी. सरकार भांग की खेती को लेकर भी सदन में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाई है.
'लगातार घट रहीं सरकारी नौकरियां'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरी और पांच साल में पांच लाख रोजगार का वादा किया था. आज तक युवा इंतजार में हैं. भाजपा सरकार में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख थी, जो अब घटकर 1.72 लाख रह गई है. सरकारी नौकरियां लगातार घट रही हैं. कर्मचारी-पेंशनर रोज धरने पर हैं. सरकार खुद को कर्मचारी हितैषी बताती है, लेकिन कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हो रहीं. पेंशनर, HRTC और HPTDC के कर्मचारी परेशान हैं. भाजपा बेरोजगारी पर सदन के अंदर भी सरकार को घेर रही है.
100 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
लक्ष्य प्रदेश में लॉटरी को फिर से शुरू करने को लेकर सुक्खू सरकार का प्रमुख मकसद रेवेन्यू जुटाना है. अनुमान है कि, लॉटरी शुरू करने पर हिमाचल सरकार को सालाना अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक की कमाई हो सकती है. सरकार ने लॉटरी शुरू करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी बनाई. इसके मुखिया कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान थे. कमेटी की रिपोर्ट के बाद औपचारिकताएं पूरी की गई और फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की हामी पर कोषागार एवं लॉटरी निदेशालय ने इसके नियम आदि बनाए. बाद में राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद नियम अधिसूचित किए गए.

