झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी का हल्ला बोल, देवघर और बोकारो में किया प्रदर्शन
नगर निकाय चुनाव जल्द कराने की मांग को लेकर देवघर और बोकारो में बीजेपी ने प्रदर्शन किया.

Published : January 7, 2026 at 6:56 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 7:37 PM IST
देवघर/बोकारो: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने और जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना के बीच, चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा एक आदेश विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है. आयोग के उस फैसले, जिसमें ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की बात सामने आई है. अब इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है.
पुराने तरीके से चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं
विपक्ष में बैठी बीजेपी इस फैसले को लोकतांत्रिक पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए लगातार विरोध जता रही है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब देश तेजी से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, तब झारखंड में पुराने तरीके से चुनाव कराना न केवल संदेह पैदा करता है बल्कि निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है. इसी क्रम में बुधवार को देवघर में बीजेपी ने जोरदार विरोध मार्च निकाला और देवघर नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया.
ईवीएम से क्यों नही निकाय चुनाव?
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीजेपी जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ईवीएम से देशभर में चुनाव हो रहे हैं और उन्हीं ईवीएम के जरिए झारखंड में मौजूदा सरकार बनी है. उस समय किसी को मशीनों पर शक नहीं था, लेकिन अब जब नगर निकाय चुनाव की बारी आई तो अचानक बैलेट पेपर की याद क्यों आ गई? रवानी ने दो टूक कहा कि बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों में पारदर्शिता और ईमानदारी पर पहले भी उंगलियां उठ चुकी हैं, ऐसे में सरकार की मंशा साफ नहीं लगती.
चुनाव में तकनीक से पीछे हटना, जनता के साथ खिलवाड़: बीजेपी
इधर, धरने में मौजूद देवघर पूर्व विधायक और बीजेपी वरिष्ठ नेता नारायण दास ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब ईवीएम से जीत मिलती है तो वही मशीनें भरोसेमंद हो जाती हैं लेकिन हार का अंदेशा होते ही ईवीएम पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठी पार्टियां अपने राजनीतिक फायदे को लोकतंत्र से ऊपर रख रही हैं. पूर्व विधायक नारायण दास ने कहा कि नगर निकाय जैसे महत्वपूर्ण चुनावों में तकनीक से पीछे हटना, जनता के अधिकारों के साथ साफ-साफ खिलवाड़ है.
बीजेपी द्वारा आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जानती है कि शहरी इलाकों में उनका जनाधार कमजोर है, इसलिए बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराकर खेल करने की कोशिश की जा रही है. रणधीर सिंह ने कहा कि यह केवल चुनावी रणनीति नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों पर जबरन कब्जा जमाने और सत्ता के सहारे लूट का सिलसिला जारी रखने की साजिश है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि निकाय चुनाव, ईवीएम और दलगत आधार पर नहीं कराए गए तो बीजेपी राज्यव्यापी आंदोलन को और उग्र रूप देगी.
निकाय चुनाव को बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है बीजेपी
बीजेपी नेताओं ने आगे कहा कि देवघर का यह विरोध प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़े टकराव का कारण बनने जा रहा है. बीजेपी जहां इसे लोकतंत्र और पारदर्शिता का सवाल बता रही है, वहीं सरकार के फैसले पर संदेह की सुई लगातार गहराती जा रही है.
बोकारो में भी बीजेपी का प्रदर्शन
वहीं बोकारो में भी बीजेपी ने चास नगर निगम कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना देकर जल्द चुनाव कराने की मांग करते हुए ईवीएम के माध्यम से और दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग की. इस दौरान भारी संख्या में नेता कार्यकर्ता और चास के आम लोग शामिल हुए. धरना प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी संभाल रहे थे.
सीएम हेमंत सोरेन को ईवीएम पर नहीं भरोसा
धरने में पूर्व विधायक अमर बाउरी और बिरंचि नारायण ने शिरकत करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दोनों नेताओं ने कहा कि जो हेमंत सोरेन की सरकार ईवीएम के माध्यम से चुनकर दो बार सत्ता में आई है, उसे ईवीएम पर भरोसा ही नहीं है. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम, भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. अब वह बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की बात कह रहे हैं.
बैलेट पेपर से चुनाव कराकर नगर निकाय में कब्जा चाहता है झामुमो: बीजेपी
इधर, नेताओं ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराकर अधिकारियों के माध्यम से वह नगर निकाय में कब्जा जमाना चाहती है. नेताओं ने कहा कि हमारी मांग है कि दलीय आधार पर चुनाव हो, ईवीएम का इस्तेमाल हो ताकि निष्पक्ष चुनाव के साथ जीतने वाले उम्मीदवार पार्टी और जनता के प्रति जवाबदेह बन सके.
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