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विधानसभा चुनाव कैसे फतह करेगी बीजेपी? सामने आया एक्शन प्लान, नितिन नबीन का दौरा होगा गेमचेंजर

2027 की जंग को धार देने के लिए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तराखंड आ रहे हैं. धीरज सजवाण की रिपोर्ट

NITIN NAVEEN UTTARAKHAND VISIT
नितिन नबीन उत्तराखंड दौरा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 17, 2026 at 9:39 PM IST

6 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा संगठन अभी से एक्टिव मोड में आ गया है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का दो दिवसीय इसी की बानगी है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा धामी सरकार और संगठन दोनों के लिए चुनावी तैयारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है.

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव भले अभी करीब एक साल दूर हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पिछली बार कमजोर रही सीटों पर विशेष रणनीति बनाने के लिए पार्टी हाईकमान अब सीधे मैदान में उतर रहा है. इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 29 और 30 मई को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं. यह दौरा सिर्फ औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीतिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.

विधानसभा चुनाव कैसे फतह करेगी बीजेपी? सामने आया एक्शन प्लान (VIDEO-ETV Bharat)

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एयरपोर्ट से लेकर पार्टी मुख्यालय तक कार्यक्रमों का खाका तैयार किया गया है. दौरे के दौरान सरकार और संगठन के कामकाज की विस्तृत समीक्षा होगी. साथ ही, विधानसभा वार रिपोर्ट, हारी हुई सीटों की स्थिति और बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता पर गहन चर्चा होगी.

सरकार और संगठन दोनों की समीक्षा: देहरादून बलवीर रोड स्थिति भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों, विधायकों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे. इन बैठकों में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, विपक्ष की गतिविधियों और जनता के बीच सरकार की छवि पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी इस बार केवल चुनावी घोषणाओं या बड़े जनसभाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहती. इसके बजाय संगठनात्मक मजबूती, लाभार्थियों तक सीधा संपर्क और छोटे स्तर के प्रभावी कार्यक्रमों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष इसी रणनीति की समीक्षा करेंगे.

हारी हुई सीटों पर ज़्यादा फोकस: भाजपा का सबसे बड़ा फोकस उन विधानसभा सीटों पर है जहां पिछली बार पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था या जहां जीत का अंतर बहुत कम रहा था. ऐसे क्षेत्रों में संगठन को फिर से सक्रिय किया जा रहा है. बूथ स्तर तक डेटा तैयार किया गया है. स्थानीय समीकरणों का अध्ययन हो रहा है. पार्टी नेताओं का मानना है कि 2027 चुनाव में छोटे अंतर से जीत-हार तय हो सकती है, इसलिए हर बूथ की स्थिति मजबूत करना जरूरी है. इसी वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष को हारी हुई सीटों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जाएगा. जिलों से फीडबैक लिया जा चुका है. क्षेत्रीय नेताओं से रिपोर्ट मंगाई गई है.

बंगाल मॉडल को उत्तराखंड में उतारने की कवायद: भाजपा संगठन उत्तराखंड में अब ‘बंगाल मॉडल’ पर काम कर रहा है. इस मॉडल में हर बूथ को स्वतंत्र इकाई मानकर वहां संगठन की पूरी टीम बनाई जा रही है. प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रत्येक बूथ पर 11 सदस्यों की टीम गठित की जा रही है. इन टीमों में स्थानीय कार्यकर्ता, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और लाभार्थी संपर्क के जिम्मेदार शामिल किए जा रहे हैं. साथ ही पन्ना प्रमुखों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है. जिससे मतदाता सूची के हर परिवार तक पार्टी की सीधी पहुंच बनाई जा सके.

भाजपा का मानना है कि बूथ प्रबंधन मजबूत होने से चुनावी परिणाम पर सीधा असर पड़ता है. इस बार पार्टी का जोर बड़े आयोजनों से अधिक छोटे कार्यक्रमों पर रहेगा. भाजपा संगठन गांव, वार्ड और बूथ स्तर पर नियमित बैठकें करेगा. हर महीने होने वाली इन बैठकों में स्थानीय समस्याएं, सरकार की योजनाओं का प्रभाव और विपक्ष की गतिविधियों पर रिपोर्ट ली जाएगी. लाभार्थी संपर्क अभियान को भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों के साथ छोटे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें उज्ज्वला, पीएम आवास, आयुष्मान, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बनाकर राजनीतिक समर्थन मजबूत करने की कोशिश होगी.


डिजिटल और एआई आधारित चुनावी तैयारी: भाजपा उत्तराखंड में इस बार तकनीक आधारित चुनाव प्रबंधन पर भी काम कर रही है. पार्टी डिजिटल डेटा, सोशल मीडिया और एआई आधारित माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल तैयार कर रही है. इसका मकसद विधानसभा वार मतदाताओं के व्यवहार, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक रुझानों का विश्लेषण करना है. संगठन सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और शहरी मतदाताओं तक अधिक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है. अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग डिजिटल कंटेंट तैयार किया जा रहा है. स्थानीय मुद्दों के आधार पर संदेश तैयार कर मतदाताओं तक पहुंचाने की योजना है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. यहां कई सीटों पर जीत का अंतर बहुत कम होता है. भाजपा इसी रणनीति को मजबूत कर रही है.

कैबिनेट मंत्रियों के साथ होगी विशेष बैठक: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्रियों के साथ भी अलग बैठक करेंगे. इसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी. यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया. बैठक में लंबित परियोजनाओं, विकास कार्यों और सरकारी घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी जाएगी. पार्टी चाहती है कि चुनाव से पहले सभी प्रमुख योजनाओं का लाभ जनता तक स्पष्ट रूप से पहुंचे. इससे सरकार के कामकाज की सकारात्मक छवि मजबूत हो सके.

कांग्रेस पर भी साधा निशाना: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस प्रभारी के गढ़वाल दौरे को लेकर कहा कि उनके आने-जाने से प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा जैसे कुमाऊं दौरे का कोई खास परिणाम नहीं निकला, वैसे ही गढ़वाल दौरे का भी कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं दिखेगा. महेंद्र भट्ट ने कहा कांग्रेस नेतृत्व प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा. उनके मुताबिक जनता अब कांग्रेस से दूरी बना रही है. भाजपा सरकार की योजनाओं पर भरोसा जता रही है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2027 चुनाव में भी मजबूत स्थिति में रहेगी.

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