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हिमाचल में 3 सालों में कितने शिक्षक हुए रिटायर और कितनों की हुई भर्ती? जानें सरकार ने क्या दिया जवाब

विधायक हंसराज और जनक राज ने बीते हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार से सवाल किए.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा, तोपवन
हिमाचल प्रदेश विधानसभा, तोपवन (FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 22, 2025 at 5:20 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते तीन सालों में (31-07-2025 तक) सरकारी स्कूलों में 1093 प्रधानाचार्य, 188 मुख्याध्यापक और 73 डीपीई व प्रवक्ता शारीरिक शिक्षक (स्कूल न्यू) रिटाटर हुए, लेकिन क्या इन पदों पर भरा गया या नहीं? बीते हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायकों ने इसको लेकर सवाल पूछे, जिस पर सरकार ने अपना जवाब सदन में रखा.

हिमाचल प्रदेश में बीते तीन सालों में कितने शिक्षक रिटायर हुए हैं और उनके जगह क्या नये शिक्षकों की भर्ती हुई है या नहीं? दरअसल, 28 नवंबर 2025 को ये सवाल हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा विधायक हंसराज और जनक राज दोनों ने स्थगित अतारांकित प्रश्न संख्या 1334 के माध्यम से स्कूल भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से जानकारी मांगी.

भाजपा विधायकों ने सदन में पूछा कि क्या शिक्षा मंत्री बतलाएंगे कि प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षकों की कितनी नई भर्तियां प्रस्तावित हैं? इन्हें कब तक पूर्ण किया जाएगा? बीते तीन वर्षों में 31-07-2025 तक किस श्रेणी के कितने शिक्षक सेवानिवृत्त हुए. क्या नए शिक्षकों को भर्ती कर लिया गया है. यदि हां, तो श्रेणीवार ब्यौरा दें यदि नहीं, तो कारण?

स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार की ओर से दी गई जानकारी
स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार की ओर से दी गई जानकारी (Himachal Assembly)
स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार की ओर से दी गई जानकारी
स्कूल शिक्षा को लेकर सरकार की ओर से दी गई जानकारी (Himachal Assembly)

इन सवालों के सरकार की ओर से दी गई जानकारी.

प्रधानाचार्य (स्कूल)

प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है, जिनमें से 50 प्रतिशत पदों को मुख्याध्यापक संवर्ग व 50 प्रतिशत पदों को प्रवक्ता (विद्यालय नई-व्यवस्था) संवर्ग से भरा जाता है. प्रधानाचार्य के 825 पद रिक्त हैं, जिन्हें पदोन्नति द्वारा भरने की प्रक्रिया जारी है.

मुख्याध्यापक

मुख्याध्यापक के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है. मुख्याध्यापक के 247 रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की प्रक्रिया जारी है.

प्रवक्ता (विद्यालय नई-व्यवस्था)

प्रवक्ता (विद्यालय नई-व्यवस्था) के कुल 658 पद सीधी भर्ती तथा 400 पद पदोन्नति के माध्यम से भर दिए गए हैं. इसके अतिरिक्त 64 पदों को सीधी भर्ती से तथा शेष रिक्त पदों को पदोन्नति व युक्तिकरण के माध्यम से भरने की प्रक्रिया जारी है.

प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा (स्कूल न्यू) :-
वर्तमान में प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा (स्कूल न्यू) के 112 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने बारे मामला अभी विचाराधीन है.

प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (कला/मेडिकल/नॉन मेडिकल)

प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक के कुल 1318 पद भरने प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (कला) के 510, प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (नॉन मेडिकल) के 538 तथा प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (मेडिकल) के 270 पदों को विभिन्न माध्यमों से भरने बारे प्रक्रिया जारी है.

6 सी एंड वी वर्ग

शास्त्री के 737, भाषा अध्यापक के 31 पद सीधी भर्ती हुई. वहीं, अन्य पदों को जेबीटी अध्यापकों से पदोन्नति द्वारा, कला अध्यापक के 339 व पीईटी के 870, पंजाबी भाषा अध्यापक के 17 और उर्दू भाषा अध्यापक के 13 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है. शास्त्री के पदों को भरने बारे मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है तथा पीईटी के पदों को भरने बारे मामला माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है अतः नियुक्ति कार्य रोका गया है.

केंद्र मुख्य शिक्षक और मुख्य शिक्षक

केंद्र मुख्य शिक्षकों तथा मुख्य शिक्षकों के रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमानुसार 100 प्रतिशत पदोन्नति के माध्यम से भरने का प्रावधान है. केंद्र मुख्य शिक्षकों के 218 तथा मुख्य शिक्षकों के 598 रिक्त पदों को पदोन्नति द्वारा सुचारू रूप से भरा जा रहा है.

कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक

प्रदेश में कनिष्ठ बुनियादी अध्यापकों के 1762 पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें से प्रथम चरण में 600 पदों को भरने के लिए राज्य चयन आयोग द्वारा विज्ञप्ति जारी कर दी गई है. इसके अतिरिक्त दिव्यांग श्रेणी के 187 पदों के लिए अभ्यर्थियों की एक ही स्थान पर काउंसलिंग आयोजित की गई थी और यह मामला उच्च न्यायालय के समक्ष न्यायाधीन होने के कारण लंबित है.

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