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बिहार BJP को बड़ा झटका, विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा

BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा सुनाई गयी है. दिल्ली की अदालत ने यह फैसला सुनाया है.

BJP MLA Raju Singh Sentenced Four Years Jail
विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : July 4, 2026 at 4:02 PM IST

2 Min Read
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नई दिल्ली/पटना: मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से बीजेपी विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा सुनाई गई है. शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. राजू सिंह पर गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट का आरोप था.

क्या है मामला: यह पूरा मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है. नए साल के जश्न के दौरान राजू सिंह ने हर्ष फायरिंग की थी. उस वक्त गोली सीधे आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता को जा लगी थी. इसके बाद इलाज के दौरान 3 जनवरी 2019 को अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी.

पत्नी समेत अन्य आरोपी बरी: अब दिल्ली की अदालत ने इस गंभीर मामले में राजू सिंह को आर्म्स एक्ट और गैर इरादतन हत्या के तहत दोषी करार देते हुए 4 साल की सजा सुनाई है. हालांकि इस केस में कोर्ट ने राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह और दो अन्य आरोपियों राणा सिंह व रामेंद्र सिंह को बरी कर दिया है.

कौन हैं विधायक राजू सिंह: राजपूत समुदाय से आने वाले राजू सिंह बिहार की साहिबगंज सीट से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक हैं. उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 2005 में हुई थी, जब वह लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. इसके बाद साल 2020 में वह विकासशील इंसान पार्टी में शामिल हुए और दोबारा चुनाव जीते.

2022 में बीजेपी में भी शामिल: साल 2022 में उन्होंने वीआईपी का दामन छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ले ली, जिसके बाद उन्हें बिहार सरकार में मंत्री भी बनाया गया था. साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने साहिबगंज निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में अपनी जीत दर्ज की थी.

BJP MLA Raju Singh Sentenced Four Years Jail
सम्राट चौधरी (ETV Bharat)

क्या चली जाएगी राजू सिंह की विधायकी: कानूनी नियमों के अनुसार राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता जाना अब तय माना जा रहा है. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 (3) के तहत यदि किसी जनप्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलती है, तो उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है. अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने की तारीख से ही संबंधित सांसद या विधायक सदन की कार्यवाही के लिए अयोग्य हो जाता है. 4 साल की जेल की सजा मिलने के कारण साहिबगंज सीट अब खाली घोषित हो जाएगी.

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