बीज ग्राम केंद्रों में सड़ रहे हैं बीज, विधायक के सवाल पर कृषि मंत्री ने दिया ये जवाब
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा ने बीज ग्राम केंद्रों में सड़ रहे बीज को लेकर सरकार को निशाने पर लिया है.

Published : February 26, 2026 at 5:54 PM IST
रिपोर्ट: राजेश कुमार सिंह
रांचीः बजट सत्र के दौरान सदन में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अमित कुमार महतो ने बीज का मामला उठाया. चतरा, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग समेत 10 जिलों में मौजूद बीज ग्राम केंद्रों से सरकार द्वारा बीज नहीं खरीदे जाने को लेकर सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि इस वजह से संचालकों द्वारा तैयार बीज सड़ रहे हैं. दूसरी तरफ बीज के लिए किसान परेशान हैं. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में झारखंड राज्य कृषि विकास निगम के साथ एमओयू हुआ था. फिर भी तैयार बीज का क्रय नहीं हो रहा है.
बीज ग्राम केंद्र क्यों हैं उपयोगी- विधायक
विधायक अमित यादव ने कहा कि बीज केंद्रों की स्थापना साल 2004-05 में की गई थी. किसान यहां के वातारण के अनुकूल बीज तैयार करते थे. इससे अच्छी उपज होती थी लेकिन अब केंद्रों से बीज ना खरीदकर दूसरे प्रदेश के किसानों से खरीदा जा रहा है. यहां के वातावरण और मिट्टी के हिसाब से हरियाणा या राजस्थान के बीज अनुकूल नहीं हो सकते हैं. लिहाजा, 2024 के एमओयू के आधार पर यहां के किसानों ने बीज तैयार किया. उसका भंडारण किया लेकिन उनसे बीज नहीं खरीदा गया. इसकी वजह से किसानों को नुकसान झेलना पड़ा.
बीज खरीद के लिए शर्तों का पालन करना जरुर- मंत्री
इस सवाल के जवाब में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि एमओयू में बीज के क्वालिटी को लेकर कुछ शर्तें रखीं गई थीं. अगर शर्तों का पालन नहीं होगा तो फिर बीज खरीदने का प्रश्न ही नहीं उठता है. यह एमओयू ट्रायल बेसिस पर किया गया था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दो माह के भीतर राज्य कृषि विकास निगम अपने स्तर पर बीज ग्रामों से बीज खरीदने की कोशिश करेगा. अगर अच्छा बीज तैयार होगा तो विभाग बीज वितरण वाली एजेंसियों के साथ ओपन मार्केट दिलवाने का भी काम करेगा.
कृषि मंत्री ने कहा कि इस काम में बिचौलिया कहीं भी हावी नहीं है. फिलहाल हिन्दुस्तान इंसेक्टिसाइड लिमिटेड, नेशनल सीड कॉर्पोरेशन लिमिडेट, नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं से बीज खरीदा जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीज ग्राम से भी अगर खरीदा जाता तो जरुरत का महज 8 से 10 प्रतिशत ही पूरा हो पाता. मंत्री ने कहा कि राज्य बीज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बने, इसी मकसद से झारखंड राज्य कृषि विकास निगम किया गया था.
इस जवाब पर विधायक ने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि जो बीज ग्राम केंद्रों में तैयार किए गये हैं, उनकी खरीददारी हो. शेष जरुरत को एजेंसी से पूरा किया जा सकता है. क्योंकि 20 साल से ग्राम बीज केंद्रों से बीज खरीदा जाता रहा है. इसपर दो टूक मंत्री ने कहा कि निगम बीज जरुर खरीदेगा. बशर्तें बीज की क्वालिटी तय मानकों के अनुरुप हो.
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