'गैरसैंण में ऑक्सीजन की कमी, ठंड भी लगती है', बोले बीजेपी विधायक, सचिवालय संघ ने भी CS को लिखा पत्र
गैरसैंण में बजट सत्र से पहले चर्चा बना विधानसभा भवन. बीजेपी विधायक बोले- विधानसभा भवन बनाने के लिए सही जगह का नहीं हुआ चयन.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 19, 2026 at 6:24 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 6:46 PM IST
नवीन उनियाल
देहरादून: उत्तराखंड में गैरसैंण (चमोली) स्थित भराड़ीसैंण में आगामी 9 मार्च से 13 मार्च तक बजट सत्र आहूत किया गया है. 11 मार्च को बजट पेश किया जाएगा. वहीं, बजट सत्र से पहले विधानसभा भवन के चयन को लेकर विवाद गहरा गया है. दरअसल, बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने भवन को गलत स्थान पर बनाने से ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और व्यवस्थाओं की दिक्कतों का मुद्दा उठाया है. उधर, सचिवालय संघ से लेकर कांग्रेस भी सत्र को लेकर बहस में जुड़ गई है.
गैरसैंण विधानसभा स्थल के चयन पर बहस: उत्तराखंड में बजट सत्र से पहले गैरसैंण स्थित विधानसभा के अस्तित्व पर सवाल उठने लगे हैं. हालात ये है कि गैरसैंण विधानसभा स्थल के चयन पर बहस शुरू हो गई है. इसकी शुरुआत बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने की है. उनका कहना है कि गैरसैंण में बनाया गया विधानसभा भवन सही जगह पर नहीं बनाया गया है और यहां सत्र के दौरान रहना बेहद मुश्किल है.
बता दें कि, उत्तराखंड में गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान सरकारों पर सत्र को छोटा रखने के आरोप लगते रहे हैं. माना जाता है कि न तो सरकार और न ही विपक्षी दल के नेता गैरसैंण में ज्यादा दिन रुकने की इच्छा रखते हैं. इसलिए सभी को सत्र के जल्द से जल्द खत्म होने का इंतजार रहता है.
इस बार गैरसैंण में बजट सत्र से पहले कुछ इसी तरह की बहस शुरू हो गई है, जिसने गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन निर्माण को लेकर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान व्यवस्थाओं पर हमेशा सवाल खड़े होते हैं और विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के भी विधायक कई बार इस बात को कहते हुए नजर आए हैं, लेकिन इस बार बीजेपी विधायक ने तो विधानसभा के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं.

विधानसभा भवन बनाने के लिए सही जगह का नहीं हुआ चयन: दरअसल, लैंसडाउन से बीजेपी विधायक महंत दिलीप रावत ने सत्र से पहले आरोप लगाए हैं कि गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन बनाने से पहले सही स्थल का चयन नहीं किया गया है. खास बात ये है कि दिलीप रावत इसके पीछे कई तर्क भी देते हैं, जिसके कारण वो भराड़ीसैंण में विधानसभा के लिए इस जगह को सही नहीं मानते.
ऑक्सीजन की होती है कमी: बीजेपी विधायक दिलीप रावत का साफ कहना है कि 'जिस जगह पर विधानसभा का भवन बनाया गया है, वहां पर ऑक्सीजन की कमी होती है. ऊंची जगह पर होने की वजह से भी यहां बर्फबारी ज्यादा होती है. साथ ही ठंड भी ज्यादा होती है. जिसके चलते वहां पर सत्र के दौरान विधायकों के साथ कर्मचारियों को परेशानी होती है.'

भराड़ीसैंण विधानसभा स्थल चयन को लेकर कांग्रेस को बताया जिम्मेदार: भराड़ीसैंण विधानसभा स्थल चयन को लेकर बीजेपी विधायक दिलीप रावत, कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार मानते हैं और उस दौरान सही चयन नहीं होने के कारण आज तक लोगों को गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान दिक्कत होने की बाद भी कहते हुए वो नजर आते हैं.
"सरकार यदि भराड़ीसैंण में बेहतर बजट सत्र करना चाहती है तो पहले यहां की आधारभूत व्यवस्थाओं को बेहतर करें. ताकि, कर्मचारियों को किसी तरह की दिक्कतें यहां पर ना हो."
- दिलीप रावत, बीजेपी विधायक, लैंसडाउन -
बात केवल विधायकों की ही नहीं है, इस मामले में उत्तराखंड सचिवालय संघ ने भी सत्र से पहले एक ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा है, जिसमें स्पष्ट तौर पर गैरसैंण में सत्र के लिए नोडल अधिकारियों की संख्या कम करने की गुजारिश की गई है. इस दौरान ये स्पष्ट किया गया है कि क्योंकि विधानसभा में व्यवस्थाएं कम होती हैं, ऐसे में जरूरी लोगों को ही गैरसैंण बुलाया जाए. ताकि, कर्मचारियों को होने वाली विभिन्न दिक्कतें न हो.

"ये देखा गया है कि गैरसैंण में जब भी विधानसभा का सत्र होता है, उस समय कर्मचारियों को खाने-पीने की दिक्कतें होती है. इतना ही नहीं, यहां पर रुकने के लिए भी कर्मचारियों को खासी जद्दोजहद करनी पड़ती है."
- राकेश जोशी, महासचिव, उत्तराखंड सचिवालय संघ -
क्या पहाड़ चढ़ना ही नहीं चाहते राजनेता और कर्मचारी? बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने अपने बयान से गैरसैंण सत्र से पहले एक नई बहस शुरू कर दी है. हालांकि, इस बार बहस इस बात को लेकर है कि क्या वाकई विधानसभा भवन का निर्माण बिना सही चयन के हुआ है या फिर सत्र में शामिल होने वाले राजनेता और कर्मचारी पहाड़ चढ़ना ही नहीं चाहते?

कांग्रेस ने सरकार को बताया गैरसैंण विरोधी: इस मामले में विधानसभा स्थल चयन की बात कहकर बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने कांग्रेस को घेरने की कोशिश तो की है, लेकिन कांग्रेस इस बात को सरकार की मंशा से जोड़ते हुए सरकार को गैरसैंण विरोधी बता रही है.
"हालात कैसे भी हो, उसके लिए व्यवस्थाएं जुटाई जा सकती है. चाहे वो खाने-पीने की व्यवस्था की बात हो या फिर ठंड में दूसरी सुविधाओं को जुटाने की. दिक्कतों का हल निकालने का काम सरकार का है. अगर सरकार सक्षम नहीं है तो कांग्रेस हल निकालने के लिए तैयार है."
- गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस -
गौर हो कि साल 2024 में भी कुछ विधायकों ने सीएम धामी को पत्र लिखकर बजट सत्र गैरसैंण की बजाय देहरादून में कराने की गुजारिश की थी. तब विधायकों की मांग को मानते हुए सरकार ने सत्र देहरादून में ही करवाया था. यहां तक कि 2025 बजट सत्र भी देहरादून में ही हुआ था.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस की हरीश रावत सरकार के समय ये संकल्प पारित किया गया था कि बजट सत्र को उत्तराखंड की गीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में ही कराया जाएगा. हालांकि, समय के साथ इस संकल्प में संशोधन होते रहे हैं. हरीश रावत विधायकों को ठंड लगने वाले बयानों पर तंज भी कसते रहे हैं.
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