धनबाद मेयर प्रत्याशी की हार पर भाजपा में मंथन तेज, विधायक बोले- बैलेट पेपर और भ्रम बनी हार की वजह
धनबाद में मेयर प्रत्याशी की हार को लेकर भाजपा मंथन कर रही है.

Published : March 1, 2026 at 8:14 PM IST
रिपोर्टः नरेंद्र कुमार निषाद.
धनबादः नगर निगम के मेयर पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार की हार के बाद पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है. धनबाद में एक सांसद और तीन विधायकों वाली पार्टी को मिली इस अप्रत्याशित हार के बाद नेताओं ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, बैलेट पेपर से मतदान और मतदाताओं में भ्रम को हार की बड़ी वजह बताया है.
भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार ने कहा कि मेयर पद के लिए मैदान में उतरे कई प्रमुख उम्मीदवार किसी न किसी रूप में भाजपा पृष्ठभूमि से जुड़े रहे. इससे मतदाता भ्रमित हो गए कि अधिकृत प्रत्याशी कौन है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बैलेट पेपर से मतदान को लेकर पर्याप्त जागरूकता अभियान नहीं चलाया. कई मतदाताओं ने बैलेट पेपर पर अंगूठा लगा दिया तो कई ने पार्षद पद पर वोट देने के बाद मेयर के गुलाबी बैलेट पेपर को बिना मुहर लगाए ही मतपेटी में डाल दिया. जिससे बड़ी संख्या में वोट रिजेक्ट हो गए.
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि चूंकि चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुआ. इसलिए लोगों को लगा कि संजीव सिंह भी भाजपा से जुड़े रहे हैं और झरिया के विधायक भी रह चुके हैं, इसलिए वे भी पार्टी के ही उम्मीदवार हैं, इस भ्रम का सीधा असर वोटों पर पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश और आंदोलन के बाद बिना पर्याप्त तैयारी के चुनाव कराया गया. मतदाता ईवीएम के अभ्यस्त हो चुके थे पर अचानक बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण खासकर नई पीढ़ी के मतदाता भ्रमित हो गए और बड़ी संख्या में वोट अवैध घोषित हो गए.
भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण राय ने कहा कि निगम चुनाव में मेयर प्रताशी की हार को पार्टी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि एक सांसद और तीन विधायकों के बावजूद मेयर प्रत्याशी की हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और पार्टी स्तर पर मंथन की जाएगी.
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