आदिवासी सीएम बनाकर लूटने का षड्यंत्र, बघेल का भाजपा पर हमला, सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
आदिवासी सीएम बनाकर छत्तीसगढ़ को लूटने की बीजेपी साजिश रच रही है. भूपेश बघेल ने साय सरकार को घेरा है. प्रवीण कुमार सिंह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 26, 2026 at 10:39 PM IST
रायपुर: आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा छत्तीसगढ़ को लूटने का षड्यंत्र कर रही है. उन्होंने जल, जंगल और जमीन से लेकर आदिवासी परंपराओं तक के मुद्दे उठाए. साथ ही भाजपा संगठन और सरकार के बीच समन्वय की कमी, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर भी सरकार को घेरा.
आदिवासी मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा
आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ आदिवासी मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन हुआ. बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन छीनी जा रही है और उनकी परंपराओं को नष्ट किया जा रहा है.
आदिवासी मुख्यमंत्री बनाकर लूट का षड्यंत्र- भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री बनाकर छत्तीसगढ़ को लूटने का षड्यंत्र चल रहा है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े तमाम गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएगी.

आदिवासी हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी और सरकार की नीतियों को जनता के सामने रखेगी- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम, छत्तीसगढ़
आदिवासी सीटों के आंकड़ों पर कांग्रेस का दावा
भूपेश बघेल ने आदिवासी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के प्रदर्शन का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों के लिए आरक्षित 11 सीटों पर जीत दर्ज की है. उन्होंने कहा कि कांकेर में कांग्रेस महज 18 वोट से, पत्थलगांव में करीब 250 वोट से और तानाखार में भी बेहद कम अंतर से हारी. बघेल के मुताबिक, अगर इन सीटों को भी जोड़कर देखा जाए तो कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत बनती है.उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 28 सीटों में कई सीटों पर कांग्रेस महज 200, 400 या 500 वोटों के अंतर से पिछड़ी है. ऐसे में यह कहना सही नहीं है कि कांग्रेस आदिवासी सीटों पर पूरी तरह हार गई.

भाजपा की मैराथन बैठक पर साधा निशाना
भाजपा में चल रही बैठकों को लेकर भी भूपेश बघेल ने तंज कसा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में समन्वय नाम की कोई चीज नहीं बची है और संगठन छिन्न-भिन्न हो गया है. बघेल ने कहा कि सत्ता और संगठन के बीच तालमेल नहीं है. उन्होंने भाजपा नेताओं बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार शिकायतें सामने आ रही है. उन्होंने मंत्रियों के बीच भी तालमेल की कमी का आरोप लगाया और कहा गड्ढे में सरकार है.

शिक्षा व्यवस्था पर साय सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रदेश में आंदोलन चल रहे हैं और पढ़ाई प्रभावित हो रही है. बघेल का आरोप है कि स्कूलों में बच्चों को समय पर गणवेश, किताब और कॉपियां तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जबकि सरकार की ओर से लगातार नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं.

ट्रांसफर को लेकर शिक्षा मंत्री पर आरोप
शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने ट्रांसफर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में ट्रांसफर उद्योग बना दिया गया है. बघेल के मुताबिक प्रदेश में हजारों शिक्षक ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन रोजाना महज कुछ शिक्षकों के ही ट्रांसफर आदेश जारी किए जा रहे हैं.
जो चढ़ावा करते हैं, उन्हीं के आदेश निकलते हैं और बाकी शिक्षक इंतजार करते रह जाते हैं- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम, छत्तीसगढ़
"भाजपा सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव"
आदिवासी कांग्रेस कार्यकारिणी समिति एवं आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में साय सरकार को घेरा गया. विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किसी भी शासकीय आयोजन नहीं किए जाने को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया. यह प्रस्ताव कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रखा था. बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति, गौरव और अधिकारों को सम्मान देने का वैश्विक अवसर है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश की बड़ी आदिवासी आबादी के इस महत्वपूर्ण दिवस पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा शुभकामना तक नहीं दिया जाना आदिवासी समाज के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है.
भाजपा एवं आरएसएस की विचारधारा का दिखता है प्रभाव- भूपेश बघेल
निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस की उपेक्षा कर आदिवासी समाज की भावनाओं का अपमान किया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों को कमजोर कर रही हैं तथा आदिवासी संस्कृति और पहचान के प्रति भी भाजपा एवं आरएसएस की विचारधारा का प्रभाव दिखाई देता है. बैठक में आदिवासी अधिकारों, वनाधिकार कानून, पेसा कानून के प्रभावी अनुपालन तथा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संगठनात्मक स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा की गई.
कुल मिलाकर आदिवासी कांग्रेस की बैठक के बाद कांग्रेस ने एक साथ कई मोर्चों पर भाजपा सरकार को घेरा. आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन, संगठन और सरकार के बीच समन्वय, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के ट्रांसफर जैसे मुद्दों को लेकर भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए. अब देखना होगा कि कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से क्या जवाब सामने आता है.

