झारखंड नगर निकाय चुनाव: बीजेपी ने पलामू प्रमंडल की सभी सीटों पर लगाई ताकत, गिरिडीह में हटाए गए बैनर
झारखंड में नगर निकाय चुनाव में बीजेपी ने पलामू प्रमंडल के सभी सीटों पर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है.

Published : February 8, 2026 at 8:35 PM IST
पलामू/धनबाद/गिरिडीह/बोकारो: झारखंड में नगर निकाय चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहे हैं लेकिन राजनीतिक दल अपनी ओर से ताकत लगा रहे हैं. बीजेपी ने निकाय चुनाव में पलामू प्रमंडल की सभी नौ सीटों पर अपनी ताकत को बढ़ाना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जानकारी भी साझा की है.
दरअसल, रविवार को पलामू में बीजेपी ने मेदिनीनगर नगर निगम के पार्टी समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर के कार्यालय की शुरुआत की. इस दौरान निगम चुनाव को लेकर बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया, बिहार के दाउदनगर से लोजपा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा भी मौजूद रहे. रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी एवं जदयू नेताओं ने भी बीजेपी के नेताओं के साथ बैठक की और निकाय चुनाव पर चर्चा की.
हेमंत सरकार ने डर से नहीं कराया दलगत चुनाव: बीजेपी
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि पलामू प्रमंडल के सभी नौ सीटों पर पार्टी समर्थित प्रत्याशी हैं. भारतीय जनता पार्टी अपनी सहयोगी दलों के साथ पूरी ताकत के साथ पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के लिए कार्य कर रही है और एक-एक कार्यकर्ता इससे जुड़े हैं. भानु प्रताप शाही ने कहा कि हेमंत सरकार ने डर से दलगत चुनाव नहीं कराया है और सिंबल को फ्रीज किया है.
समर्थित प्रत्याशियों के साथ खड़ी है बीजेपी
वहीं बिहार के दाउदनगर से लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पार्टी निकाय चुनाव में बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों के साथ खड़ी है. मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में कई कार्य हुए हैं. स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि चुनाव को लेकर सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं एवं निकाय चुनाव में कार्य कर रहे हैं. इस दौरान भाजपा के प्रदेश मंत्री मनोज सिंह, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे.
धनबाद
धनबाद नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. 23 फरवरी को होने वाले मतदान को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरक्षा से लेकर स्वीप अभियान, सीसीटीवी निगरानी से लेकर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तक हर स्तर पर कड़े इंतजाम किए गए हैं.
डीसी ने केंद्रों को दी जानकारी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तैयारियों की जानकारी दी. नगर निकाय चुनाव के लिए धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 1016 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. धनबाद नगर निगम क्षेत्र में 468 भवनों में 974 मतदान केंद्र, जबकि चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में 32 भवनों में 42 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं.
मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन का दावा है कि हर मतदान केंद्र को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सके. पुलिस प्रशासन ने मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था तय की है. धनबाद नगर निगम क्षेत्र में 158 सामान्य, 648 संवेदनशील 168 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित किए गए हैं. अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, क्विक रिस्पांस टीम और रशिंग पार्टी की तैनाती की जाएगी.
निष्पक्ष चुनाव के लिए हर प्रकार की व्यवस्था
वहीं निष्पक्ष चुनाव के लिए फ्लाइंग स्क्वायड, स्टैटिक सर्विलांस टीम और सीसीटीवी निगरानी को सक्रिय कर दिया गया है. अनुमंडल कार्यालयों में कंप्लेन मॉनिटरिंग सेल और एक्सपेंडिचर सेल 24 घंटे काम कर रहे हैं. आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत डायल 112 पर भी की जा सकती है. मतदान सामग्री 23 फरवरी को बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से रवाना होगी, जबकि मतदान के बाद सामग्री धनबाद पॉलिटेक्निक में जमा की जाएगी. 27 फरवरी को वहीं मतगणना होगी और चुनाव संपन्न कराने के लिए 6000 से अधिक कर्मी, 180 बसें, 500 से ज्यादा वाहन तैनात किए गए हैं.
मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर फोकस
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप अभियान को तेज कर दिया गया है. कम वोटिंग वाले इलाकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें. साथ ही सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है. फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली फेक न्यूज या भ्रामक सूचना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
लाइसेंसी हथियार जमा करना अनिवार्य
मतदाताओं को प्रलोभन देने या सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी. पुलिस प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 फरवरी तक सभी लाइसेंसी हथियार जमा करना अनिवार्य है. निर्धारित तिथि तक हथियार जमा नहीं करने पर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. कुल मिलाकर, प्रशासन का दावा है कि नगर निकाय चुनाव को लेकर सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं में कोई चूक नहीं छोड़ी गई है. अब देखना होगा कि इन तैयारियों के बीच मतदाता कितनी बड़ी संख्या में मतदान कर शहर की सरकार बनाने में अपनी सहभागिता निभाते हैं.
गिरिडीह
नगर निगम के यूनिपाल (खंभे) पर लगाए गए मेयर प्रत्याशी के बैनर को उतार दिया गया है. बैनर उतारने की जानकारी पर प्रत्याशी कामेश्वर पासवान पहुंचे और भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत उन्हें टारगेट किया जा रहा है. उनका कहना है कि नामांकन के साथ ही उन्होंने बैनर लगाने के लिए न सिर्फ फीस जमा की बल्कि अनुमति भी ली. सभी आरक्षित जगहों पर उनका बैनर लग भी गया लेकिन रविवार की दोपहर अचानक उनके बैनर को हटाने का काम किया गया. बैनर हटाने वालों से जब पूछताछ की गई तो यह जवाब मिला कि निगम से आदेश मिला है. उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी के बाद से कई लोग बैचेन हैं. सत्ताधारी को भी परेशानी हो रही है यही कारण है उनके बैनर को हटाने का काम किया गया.

नहीं ली थी परमिशन: उपनगर आयुक्त
उधर, इस मामले में उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक ने पक्षपात या दुर्भावना की बात गलत और बेबुनियाद है. उन्होंने कहा कि नामांकन के बाद की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही प्रत्याशी को चुनाव चिन्ह मिलता है. चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सभी प्रत्याशी संग बैठक की जाती है, जिसके बाद अलग-अलग खंभा आवंटित किया जाता और प्रत्याशी अपना बैनर लगा सकते थे. लेकिन इन बातों को नजरअंदाज करते हुए कामेश्वर पासवान ने बगैर अनुमति लिए ही बैनर लगवाया.
इनके अलावा जिसने भी बगैर अनुमति के बैनर लगाएं हैं, उनके भी बैनर को हटाया गया है. उपनगर आयुक्त ने मामले में जानकारी देते हुए कहा कि जिस थर्ड पार्टी एजेंसी को यूनिपोल को बुक करने का जिम्मा मिला है, उसे भी नोटिस दिया जा रहा है और आगे निगम से अनुमति के बाद ही किसी को यूनिपोल पर बैनर लगाने का आदेश दिया जाएगा. इसके लिए भी चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है.
बोकारो
झारखंड में 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव होना है और इसी दिन जैक बोर्ड द्वारा राज्य में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा भी आयोजित होनी है. निकाय क्षेत्रों में कई ऐसे स्कूल हैं, यहां मैट्रिक और इंटर की परीक्षा है. वहीं पर नगर निकाय के अंतर्गत नगर निगम एवं नगर परिषद का चुनाव होना है. मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा और निकाय चुनाव दोनों एक ही दिन होने से छात्रों एवं अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
अभी तक सरकार के द्वारा इस पर स्पष्ट रूप से निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे अभिभावकों एवं छात्रों में संशय की स्थिति बनी हुई है. जिस दिन मतदान होना है, उसी दिन इंटर की द्वितीय पाली में परीक्षा भी आयोजित है उसी जगह पर मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं. इस संबंध में पदाधिकारियों का मानना है कि इस समस्या का समाधान राज्य निर्वाचन आयोग एवं जैक बोर्ड के पदाधिकारी मिलकर कर लेंगे.

23 तारीख को इंटर की परीक्षा है, चुनाव का मामला है इसलिए इसमें हम कुछ टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, पहले भी ऐसा मामला आया है ऐसी स्थिति में राज्य कार्यालय इस पर निर्णय लेती है और उसी के आलोक में हम लोग काम करेंगे. हम लोग चुनाव की तैयारी में भी है और परीक्षा की तैयारी में भी हैं, जैसा निर्देश मिलेगा हम लोग उसी प्रकार से काम करेंगे: जगन्नाथ लोहरा, जिला शिक्षा पदाधिकारी
वहीं फुसरो नगर परिषद क्षेत्र में भी एक रामरतन उच्च विद्यालय ढोरी जिसमें द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा आयोजित है. इस मामले में बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ ने बताया कि बड़े पदाधिकारी एवं उपायुक्त महोदय से निवेदन किया है, इस संबंध में हम लोगों ने पत्राचार भी किया है. उपायुक्त महोदय ने भी आश्वस्त किया है कि इस संबंध में आयोग एवं जैक बोर्ड को अवगत कराया जाएगा और जैसा दिशा निर्देश आएगा, उसी हिसाब से हम लोग यहां काम करेंगे.
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