नगर निकाय चुनाव में बयानबाजी तेज, केएन त्रिपाठी के इशारों पर सियासी संग्राम, भाजपा ने बताया ‘स्वार्थ प्रेरित’
पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा ने उनके बयान को स्वार्थ से प्रेरित बताया है.

Published : February 14, 2026 at 7:23 PM IST
रांची : मेदिनीनगर यानी डालटनगंज में नगर निकाय चुनाव के बीच सियासी तापमान चढ़ गया है. पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केएन त्रिपाठी के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. उन्होंने कहा कि प्री-पोल एलायंस के तहत चुनाव के बाद कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में झामुमो की सरकार चल रही है, ऐसे में बार-बार भाजपा के संपर्क में रहने की चर्चाएं शुभ संकेत नहीं हैं. त्रिपाठी ने संकेत दिए कि भीतरखाने चल रही गतिविधियों पर नगर निगम चुनाव के नतीजे आने के बाद ही वे खुलकर बोलेंगे.
इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद उजागर - भाजपा
कांग्रेस नेता के इस बयान पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मनोज सिंह ने कहा कि इस तरह के बयानों से इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद उजागर होते हैं. उनका कहना है कि भाजपा जन मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति प्रतिबद्ध है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में सिस्टम ठप है, अपराध बढ़ा है और विकास ठहर गया है. साथ ही मेदिनीनगर नगर निगम के मेयर पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर की जीत का दावा भी किया.
मुस्लिम वोट के लिए कर रहे हैं राजनीति - भाजपा
वहीं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने के.एन. त्रिपाठी के बयान को स्वार्थ से प्रेरित बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिपाठी ने मेदिनीनगर नगर निगम में अपनी बेटी नम्रता त्रिपाठी को मैदान में उतारा है और वे मुस्लिम वोटों को साधने की कोशिश कर रहे हैं. शाही ने तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो कांग्रेस के मंत्री इरफान अंसारी को मुस्लिम बहुल इलाकों में ले जाकर प्रचार करना चाहिए. साथ ही उन्होंने झामुमो नेताओं के भाजपा से संपर्क के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह महज अफवाह है.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने केएन त्रिपाठी के बयान को वोट लेने के लिए छोड़ा गया शिगूफा बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से पलामू के लोग बहुत सयाने होते हैं. वहीं कांग्रेस ने के एन त्रिपाठी के बयान को उनका व्यक्तिगत बयान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है. वहीं राजद ने केएन त्रिपाठी के बयान को गंभीर बताते हुए कांग्रेस से कार्रवाई की मांग की है. वहीं झामुमो इसको गंभीरता से नहीं ले रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एक बार लोकसभा चुनाव में प्रचार के अंतिम दिन अपने लोकसभा प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रचार कर वापस लौट आये, नियम भी यही कहता है, लेकिन इंदर सिंह नामधारी ने पीसी कर यह कहा कि अपने प्रत्याशी की निश्चित हार सामने देख हम पलामू छोड़ भाग खड़े हुए. बाबूलाल मरांडी में कहा कि नामधारी जैसे वरिष्ठ और जानकार नेता होते हुए भी उन्होंने शिगूफा छोड़ा क्योंकि अगले दिन चुनाव था.
केएन त्रिपाठी पर कांग्रेस करे कार्रवाई - डॉ मनोज
कांग्रेस नेता के एन त्रिपाठी के बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार ने कहा कि उनका बयान राज्य में गठबंधन को कमजोर करने वाला बयान है. गठबंधन की टूट की कोई भी बात ही नहीं है. के एन त्रिपाठी ने किस परिस्थिति में यह बयान दिया है, इसका जवाब के एन त्रिपाठी से कांग्रेस को मांगना चाहिए और उन पर कार्रवाई करनी चाहिए.
केएन त्रिपाठी के बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं - झामुमो
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि के एन त्रिपाठी कांग्रेस संगठन में अभी न प्रवक्ता हैं और न कोई अन्य पद पर. ऐसे में उनके बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.
बता दें कि मेदिनीनगर नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस ने के.एन.त्रिपाठी की बेटी नम्रता त्रिपाठी के समर्थन की घोषणा की है, जबकि झामुमो ने पूनम सिंह को समर्थन दिया है. पिछली बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर ने पूनम सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी. इस बार भी मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है और 23 फरवरी को आने वाले नतीजे सियासी तस्वीर साफ करेंगे.
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