Exclusive: भाजपा महामंत्री बगड़ी बोले-नीचे से जो नाम आएंगे, उन्हें ही टिकट...विवाद एवं बगावत की कांग्रेस की आस रहेगी अधूरी
भाजपा में सामूहिक प्रक्रिया से टिकट वितरण का दावा. आज देर रात फाइनल हो जाएंगे नाम.

Published : August 29, 2026 at 4:41 PM IST
जयपुर : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में टिकटों का महामंथन जारी है. प्रदेश की 309 नगर निकायों के वार्डों को लेकर भाजपा मुख्यालय में संभागवार बैठकों का दौर जारी है. टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों और बीजेपी में संभावित विरोधाभास के सवालों पर ईटीवी भारत के संवाददाता जसवंत सोलंकी ने भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी से खास बातचीत की.
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने साफ किया कि पार्टी में टिकट वितरण की प्रक्रिया नीचे से ऊपर तक तय है. प्रदेश स्तर पर पहुंचने तक नामों पर कई स्तरों पर मंथन हो चुका होगा. आज देर रात तक सभी नाम फाइनल हो जाएंगे. विरोध, बगावत, विवाद कांग्रेस में है, भाजपा सामूहिक होकर निर्णय लेती है. भाजपा में किसी तरह का विवाद या बगावत हो, ये कांग्रेस की उम्मीद पूरी नहीं होगी. जहां तक टिकट सूची या सिंबल जारी होने का सवाल है तो ये नेतृत्व तय करता है. यहां से नाम तय कर जिला स्तर पर भेज दिया जाएगा, वहां से प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
नीचे से आया नाम ही अंतिम होगा : बगड़ी ने कहा कि जो प्रक्रिया पार्टी ने तय की, उसमें सबसे पहले निकाय स्तर पर कोर कमेटी ने विचार किया. इसके बाद विधानसभा स्तर और फिर जिला स्तर की कमेटी में नामों पर चर्चा हुई. सभी स्तरों से गुजरने के बाद जब प्रस्ताव प्रदेश स्तर पर पहुंचेगा तो उसमें बदलाव की गुंजाइश कम रह जाएगी. उन्होंने कहा कि नीचे से जो निर्णय होकर आएगा, वही अंतिम रूप से सामने आएगा.
सामूहिक निर्णय के आधार पर टिकट: प्रदेश महामंत्री बगड़ी ने कहा कि भाजपा की पूरी प्रक्रिया सामूहिक निर्णय पर आधारित है. पार्टी किसी एक व्यक्ति के स्तर पर टिकट तय करने के बजाय कार्यकर्ताओं, स्थानीय संगठन और क्षेत्रीय फीडबैक को महत्व दे रही है. उनका कहना है कि नीचे से जो नाम आ रहे हैं, उनमें स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं की पसंद का प्रतिबिंब दिखाई देता है. पार्टी में टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक होना स्वाभाविक है. हर कार्यकर्ता की इच्छा होती है कि उसे टिकट मिले, लेकिन जब सामूहिक रूप से निर्णय होता है तो संगठन के कार्यकर्ता उस निर्णय को स्वीकार करते हैं. किसी स्तर पर नाराजगी सामने आती भी है तो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें समझाने का काम करेगी.
कांग्रेस पर पलटवार: भाजपा की टिकट प्रक्रिया पर कांग्रेस के आरोपों पर बगड़ी बोले, कांग्रेस के पास भाजपा पर सवाल उठाने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने दावा किया, बीजेपी के भीतर न किसी तरह का विरोधाभास है और न ही वह माहौल है, जैसा विपक्ष प्रचारित कर रहा है. बगड़ी ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि बीजेपी में टिकट को लेकर बगावत हो, विरोधाभास पैदा हो और उसका राजनीतिक फायदा उसे मिले, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है. बीजेपी में टिकट वितरण को लेकर सामूहिक निर्णय की व्यवस्था है. सभी स्तरों पर संगठन एकजुट होकर काम कर रहा है.
खेमों में बंटी कांग्रेस: बगड़ी ने कांग्रेस के पावर सेंटर्स पर निशाना साधा. कहा कि कांग्रेस खुद अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली एवं सचिन पायलट जैसे खेमों में बंटी है. कांग्रेस में हालात ऐसे हैं कि उनके कार्यकर्ता तय नहीं कर पा रहे कि वे किसके पास जाए? किससे टिकट मांगे. कांग्रेस में ऐसे हालात हैं कि कोई टिकट के लिए भी नहीं आ रहा.
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पार्टी में बगावत पर बोले बगड़ी: संभावित बगावत के सवाल पर बगड़ी बोले, टिकट मांगने वाले सभी लोग पार्टी के कार्यकर्ता और परिवार का हिस्सा हैं. स्वाभाविक रूप से सभी को टिकट मिलने की इच्छा हो सकती है, लेकिन टिकट किसी एक को मिलना है. ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर स्थिति को संभालेगी. टिकट मिलने या नहीं मिलने से कार्यकर्ता का मान-सम्मान कम नहीं होगा. संगठन में व्यक्ति की भूमिका केवल चुनावी टिकट तक सीमित नहीं है. पार्टी में जो जिम्मेदारी और महत्व कार्यकर्ताओं का है, उसे बनाए रखा जाएगा.
नीचे से ऊपर तक एक ही भावना: श्रवण सिंह ने कहा कि पार्टी की कोशिश है कि निकाय से प्रदेश स्तर तक टिकट चयन में एक ही भावना रहे. नीचे से आने वाले निर्णय को प्रदेश स्तर पर बेवजह बदलने की मंशा नहीं है. यही वजह है कि पार्टी को टिकट चयन में ज्यादा समय नहीं लग रहा. वार्ड स्तर की परिस्थितियों को सबसे अधिक महत्व दे रहे हैं. स्थानीय संगठन को पता है कि किस वार्ड में कौन सक्रिय है, किसकी जनता में पकड़ है और कौन पार्टी के लिए चुनाव जीतने की क्षमता रखता है.
309 निकायों के लिए बड़ी चुनावी कवायद: प्रदेश में 309 निकायों के चुनाव बीजेपी के लिए बड़ा संगठनात्मक अभियान है. ऐसे में टिकट वितरण केवल उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पार्टी के स्थानीय समीकरणों को साधने का भी जरिया है. आरक्षण के बाद बदले वार्डों के समीकरण, स्थानीय प्रभावशाली चेहरे, पुराने पार्षद, नए दावेदार और संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाना पार्टी के सामने बड़ी चुनौती है. संभागवार बैठकों के जरिए बीजेपी इसी का समाधान तलाश रही है. पार्टी की कोशिश है,टिकट का फैसला स्थानीय स्तर से आए फीडबैक के आधार पर हो, ताकि प्रत्याशी को संगठन के साथ स्थानीय स्तर पर भी स्वीकार्यता मिल सके. बगड़ी ने कहा पार्टी पूरी तरह तैयार है, प्रदेश में भजन लाल सरकार के कामकाज को लेकर जनता के बीच जाएंगे. जनता कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगी. जनता विकास को समर्थन देगी.
जिला स्तर पर जारी होगी सूची: बगड़ी ने संकेत दिया कि पार्टी पहले अंदरूनी स्तर पर मंथन पूरा करेगी और उसके बाद उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक की जाएगी. पार्टी का निर्णय सभी के सामने आएगा और इसमें किसी तरह की गोपनीयता रखने का सवाल नहीं है. पार्टी स्थानीय संगठन को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाकर दावेदारों की स्वीकार्यता परख रही है. प्रदेश स्तर पर सूची तैयार होने के बाद जिले में भेज दी जाएगी. जिला अध्यक्ष आगे की प्रक्रिया को पूरा करेगा. सूची जारी करना या सीधा सिंबल देने का काम जिला अध्यक्ष ही करेंगे. पार्टी की तरफ से ऐसा कोई विशेष निर्णय नहीं है कि सूची जारी नहीं होगी और सीधा सिंबल देंगे, जो प्रक्रिया है उसके तहत जिला स्तर पर काम जारी किया जाएगा.

