कांग्रेस कार्यालय में फहराया गया भाजपा का झंडा, जानें पूरा मामला
खगड़िया में सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस कार्यालय पर बीजेपी का झंडा फहराए जाने पर सियासी भूचाल मचा है. नेताओं ने इसे साजिश बताया.

Published : December 29, 2025 at 12:36 PM IST
खगड़िया: बिहार के खगड़िया के परबत्ता नगर पंचायत क्षेत्र में उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के ऊपर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा किसी ने फहरा दिया. घटना सामने आते ही स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया. देखते ही देखते मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है.
कांग्रेस कार्यालय में फहराया बीजेपी का झंडा: कांग्रेस नेताओं ने इसे पार्टी की गरिमा, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राजनीतिक शिष्टाचार पर सीधा हमला बताया है. कांग्रेस कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष प्रभाकर यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय लोकतंत्र, आजादी और संविधान की विचारधारा का प्रतीक है. उसके ऊपर किसी दूसरी पार्टी का झंडा लगाया जाना अपमानजनक होने के साथ-साथ राजनीतिक उकसावे की पराकाष्ठा है.
"पहले यहां बीजेपी का झंडा नहीं था, लेकिन कल देखे कि कांग्रेस के कार्यालय पर बीजेपी का झंडा फहरा रहा है. 15 अगस्त हो या 26 जनवरी हमेशा यहां कांग्रेस का झंडा फहराया जाता है. अब कार्यालय के ऊपर भी बीजेपी का झंडा फहरा दिया जा रहा है. प्रशासन से हम निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं."- प्रभाकर यादव,कांग्रेस कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष

'जानबूझकर ऐसी घटनाओं को दिया जा रहा अंजाम': कांग्रेस कार्यकर्ता राजा गुप्ता ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि परबत्ता की राजनीति अब तक अपेक्षाकृत शांत रही है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर दलों के बीच तनाव पैदा करना चाहते हैं.
"कांग्रेस शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है, लेकिन पार्टी की अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पार्टी कार्यालय में बीजेपी का झंडा लहराया जा रहा है. भाजपा इस देश में सिर्फ अपनी पार्टी चाहती है और राजतंत्र लाना चाहती है."-राजा गुप्ता,कांग्रेस कार्यकर्ता

कांग्रेस में गहरी नाराजगी: घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता दफ्तर के बाहर जुटे और विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से जवाबदेही की मांग की. कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. हालांकि वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय लोगों के समझाने के बाद हालात नियंत्रण में हुए. कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई कि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनेंगी.
भाजपा ने क्या कहा?: वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भाजपा प्रखंड अध्यक्ष जयंत कुमार ने कहा कि इस घटना से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है और भाजपा इस पूरे प्रकरण से अनभिज्ञ है.
"राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर है. यह किसी तीसरे पक्ष की शरारत हो सकती है."- जयंत कुमार, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष
झंडा किसने और क्यों लगाया?: घटना के बाद परबत्ता नगर पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. चाय दुकानों और चौक-चौराहों पर लोग इस विवाद को लेकर चर्चा कर रहे हैं. आम लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस दफ्तर पर भाजपा का झंडा किसने और क्यों लगाया? फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी है. जांच रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी और यह तय होगा कि इस सियासी विवाद के पीछे जिम्मेदार कौन है.
ये भी पढ़ें
'राहुल गांधी गलत, MGNREGA का स्वरूप नहीं बदला' बोले जीतन राम मांझी
बिहार कांग्रेस जिला और प्रखंड स्तर पर कमजोरी को खोजेगी, 8 जनवरी तक का रखा लक्ष्य
कांग्रेस देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है, वह चाहती है कि अवैध अप्रवासी असम में बसें: पीएम मोदी

