भाजपा के शिष्टमंडल ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन, एसआईआर की प्रक्रिया में विसंगतियों से अवगत कराया
झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया में विसंगतियों को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

Published : August 26, 2026 at 8:05 PM IST
रांचीः राज्य में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान इन दिनों दावा और आपत्ति का दौर चल रहा है. इन सबके बीच प्रदेश भाजपा ने चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं के संबंध में लिखित शिकायत की है. पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह एसआईआर के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में भाजपा के शिष्टमंडल ने अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार को ज्ञापन सौंपा है. इस दौरान राकेश प्रसाद के साथ भाजपा नेता बबन गुप्ता और सुनील साहू भी मौजूद थे.
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने कहा है कि भारत में स्वच्छ और त्रुटि रहित मतदाता सूची लोकतंत्र का मजबूत आधार है. इसी दृष्टि से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) की प्रक्रिया चलाई जा रही है. इसका मूल उद्देश्य है कि एक भी भारतीय मतदाता छूटे नहीं और एक भी गैर भारतीय का नाम मतदाता सूची में जुड़े नहीं, लेकिन झारखंड में कई अधिकारी व कर्मचारी इस नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं. विशेष कर संथाल परगना प्रमंडल में जो विसंगतियां आ रही हैं, वह राज्य के लिए चिंताजनक है.
भाजपा ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि 15 सितंबर, 2026 तक दावा और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि में फॉर्म-6, 7 एवं 8 भरना है. इसी दौरान जिनका मतदाता सूची के प्रारूप में नाम तो दर्ज है, परंतु उन्होंने सत्यापन हेतु 2003 का कोई भी आधार नहीं दिया है, जिसके कारण उनका नाम असत्यापित की सूची में है इस प्रकार के मतदाताओं की सुनवाई के पश्चात स्वीकृत सूची विधानसभा के अनुसार उपलब्ध कराई जाए, ताकि इसकी पारदर्शिता बनी रहे.
संथाल परगना में गड़बड़ी को लेकर सौंपा ज्ञापन
भाजपा ने ज्ञापन के जरिए में साहिबगंज जिला के राजमहल विधानसभा में हुई गड़बड़ी की ओर चुनाव आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया है. सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने इस विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-343, गृह संख्या-01 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में 4 मतदाताओं का नाम था, जबकि 25 जुलाई, 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में 39 मतदाताओं के नाम हैं. वर्तमान सूची में सैयद अली की आयु 69 वर्ष है, जबकि उसके पुत्र गफूर शेख की आयु 67 वर्ष है.
इसी बूथ पर वर्ष 2019 में आजाद अली की आयु 34 वर्ष है, वहीं 2024 की सूची में आजाद अली का नाम नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी आयशा का नाम है, जिसकी आयु 64 वर्ष है. इन सभी बातों से भाजपाइयों ने चुनाव आयोग को अवगत कराया है. इसके अलावा जिन बिंदुओं का जिक्र किया गया है उसमें कहा गया है कि राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-187, गृह संख्या-137 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में मात्र 12 मतदाता थे, जबकि वर्तमान मतदाता सूची में बढ़कर 26 हो गए हैं.
वहीं साहिबगंज जिले के बोरियो विधानसभा क्षेत्र के मंडरो प्रखंड के लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम का घर नहीं है, लेकिन वहां की मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाता शामिल हैं और तेलियागढ़ी बूथ पर उनके मतदान करने की बात कही गई है. साहिबगंज जिला में ऐसा भी मामला सामने आया है कि 15 वर्ष के मतदाता को पिता बताया जा रहा है और उसी मतदाता को 30 वर्ष की आयु में दादा बताया जा रहा है. इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे भी मामला सामने आया है कि पिता और पुत्र की आयु में मात्र 2-3 वर्ष का अंतर है.
भाजपा ने आयोग को अवगत कराते हुए कहा है कि 25 अगस्त, 2026 को गोड्डा विधानसभा के बसंतराय प्रखंड के बूथ संख्या 9 और 38 के बीएलए-2 द्वारा प्रस्तुत फार्म-7 लेने से बीएलओ ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया. भारतीय जनता पार्टी के बीएलए-1 द्वारा इसकी मौखिक सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा को दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. गोड्डा विधानसभा के बूथ संख्या 9 पर बीएलए 2 द्वारा दिए गए फॉर्म-7 और बीएलए-2 का नाम/दल की जानकारी बीएलओ द्वारा सार्वजनिक कर देने से बीएलए-2 को स्थानीय स्तर पर दबाव/धमकी का सामना करना पड़ रहा है. यह भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का घोर उल्लंघन है.
ये भी पढ़ें-
25 अगस्त से राज्यभर में शुरू होगा ‘होम टू रोल वेरिफिकेशन’ कार्यक्रम, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

