बीजेपी कोर कमेटी की बैठक, नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की मांग
भाजपा की संगठनिक बैठक में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की मांग की गई.


Published : December 27, 2025 at 8:06 PM IST
रांची: भारतीय जनता पार्टी ने नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की मांग की है. प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण संगठनिक बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा में मुख्य सचेतक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा शामिल हुए. इस दौरान पार्टी नेताओं ने संगठनिक मजबूती के साथ-साथ नगर निकाय चुनाव पर चर्चा की.
बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निकाय चुनाव दलीय आधार पर होना चाहिए, ताकि जनता के बीच विभिन्न दलों के माध्यम से सेवा कार्य करने वाले कार्यकर्ता जन प्रतिनिधि बनकर और अधिक सक्रियता के साथ संविधान के दायरे में जनता की सहायता कर सकें. उन्होंने कहा कि गैर-दलीय चुनाव मसल और मनी पावर को बढ़ावा देता है, जो स्वच्छ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.
प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आज की बैठक को लेकर कहा कि यह बैठक पूरी तरह संगठनिक बैठक थी, जिसमें संगठनिक विषयों, आगामी कार्यक्रमों आदि पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता समय-समय पर बैठक कर पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों की चर्चा करते रहते हैं.
नगर निकाय चुनाव की घोषणा जल्द करे सरकार: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी की हुई बैठक में संगठनात्मक कार्यक्रमों के अलावा नगर निकाय चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के बाद पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग करते हुए सरकार से जल्द से जल्द चुनाव की घोषणा करने की मांग की. वहीं, पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कोर कमेटी की बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए संगठनात्मक मजबूती के लिए आवश्यक बताया.

इस मौके पर अमर कुमार बाउरी ने सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि पेसा नियमावली में आखिर क्या प्रावधान किए गए हैं, इसे सार्वजनिक करना चाहिए. कैबिनेट से पास पेसा नियमावली में आखिरकार क्या है, इसे जनता को जानने का हक है, लेकिन सरकार इसे सार्वजनिक किए बिना ढोल-नगाड़े के साथ जश्न मनाने में जुटी है.
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