मल्टी सुपर स्पशेलियटी हॉस्पिटल पर गर्माई राजनीति, पीपीपी मोड पर देने का विरोध, कांग्रेस बीजेपी आमने सामने
बिलासपुर के मल्टी सुपर स्पशेलियटी हॉस्पिटल को पीपीपी मोड पर देने को लेकर सियासत गरमा गई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 2, 2026 at 12:08 PM IST
बिलासपुर : बिलासपुर के कोनी स्थित 200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने मल्टी सुपर स्पशेलियटी हॉस्पिटल को लेकर सियासत तेज हो गई है. अस्पताल के पीपीपी मॉडल और संचालन व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गए हैं.
कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी
कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है, जबकि बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. बुधवार को कांग्रेस नेता विजय केसरवानी, शहर अध्यक्ष और ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का विरोध करते हुए कहा कि इससे आम लोगों के हित प्रभावित होंगे.इसके लिए कांग्रेस सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी.
अस्पताल सरकारी जमीन पर जनता के टैक्स के पैसे से बनाया गया है. मशीनें भी सरकारी हैं. ऐसे में इसके संचालन के लिए निजी संस्था को जिम्मेदारी देने की क्या जरूरत है.पीपीपी मॉडल लागू होने से गरीब मरीजों के मुफ्त इलाज पर असर पड़ सकता है और इलाज महंगा हो सकता है- विजय केशरवानी, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस
वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बिलासपुर के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया.
केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाएं और मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके - अरुण साव, डिप्टी सीएम
इधर स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक व्यवस्था को बिगाड़ा, उन्हें आज सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है. विधायक ने कहा कि बीजेपी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है. बहरहाल, मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का मुद्दा अब स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा विषय बन गया है.
किस बात का कांग्रेस कर रही है विरोध ?
आपको बता दें कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने 23 जून को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर कोनी स्थित 240 बिस्तर वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 100 बेड वाले कैंसर केयर अस्पताल का संचालन पीपीपी मॉडल पर कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए कंसल्टेंट कंपनी केपीएमजी (KPMG) से संशोधित रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP), लाइसेंस एग्रीमेंट और फाइनेंशियल मॉडल तैयार कराया गया है.अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए टेंडर प्रोसेसिंग कमेटी गठित किए जाने की तैयारी है.इसी बात को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है.कांग्रेस का कहना है कि यदि अस्पताल का निर्माण जनता के पैसों से हुआ है तो सरकार इसे निजी हाथों में क्यों सौंप रही है.
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