निकाय चुनाव 2026: टिकट को लेकर घमासान, भाजपा-कांग्रेस ने अपनाई गोपनीय रणनीति, चुनावी सस्पेंस के पीछे क्या है माजरा
दोनों प्रमुख दलों के कई वार्डों में टिकट को लेकर दावेदारों के बीच पेच फंसा हुआ है.

Published : August 30, 2026 at 7:19 AM IST
बीकानेर : नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख सोमवार है, लेकिन इससे ठीक पहले तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की है. दोनों पार्टियों की ओर से टिकट वितरण को लेकर पूरी तरह गोपनीय रणनीति अपनाई जा रही है. पार्टी पदाधिकारियों की ओर से प्रत्याशियों को सीधे फोन कर टिकट की जानकारी दी जा रही है, ताकि अधिकृत सूची सार्वजनिक होने से पहले संभावित बगावत और विरोध को नियंत्रित किया जा सके.
नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. शनिवार को कुछ प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया, लेकिन बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के नामांकन सोमवार को ही दाखिल होने की संभावना है. ऐसे में रविवार को दोनों ही दलों के लिए डैमेज कंट्रोल और असंतुष्ट दावेदारों को मनाने का दिन माना जा रहा है.
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कांग्रेस ने सभी दावेदारों को नामांकन भरने के दिए संकेत : कांग्रेस की ओर से कई वार्डों में टिकट को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. पार्टी ने संभावित दावेदारों को नामांकन दाखिल करने के लिए तैयार रहने को कहा है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष सीधे सिंबल प्रस्तुत किए जाने की रणनीति अपनाई जा रही है. यही वजह है कि कांग्रेस के टिकट के दावेदार शनिवार को भी पार्टी की ओर से अंतिम संकेत मिलने का इंतजार करते दिखाई दिए. पार्टी के जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल शनिवार को जयपुर में रहे. ऐसे में कई वार्डों में टिकट को लेकर अंतिम फैसला होने का इंतजार बना रहा.
भाजपा में फोन से दी जा रही टिकट की जानकारी : वहीं भाजपा ने भी अधिकृत सूची जारी करने के बजाय प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देने का रास्ता अपनाया है. पार्टी पदाधिकारियों की ओर से संभावित प्रत्याशियों को फोन किए जा रहे हैं और उन्हें नामांकन की तैयारियां करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. पार्टी की इस रणनीति के पीछे सबसे बड़ा कारण टिकट वितरण के बाद होने वाली संभावित बगावत को रोकना माना जा रहा है. टिकट की घोषणा सार्वजनिक होने के बाद असंतुष्ट दावेदारों के समर्थकों के विरोध, निर्दलीय नामांकन और भीतरघात की आशंका को देखते हुए दोनों दल अंतिम समय तक प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करने से बच रहे हैं.
सोशल मीडिया पर नामों की चर्चा, लेकिन पार्टी की ओर से चुप्पी : टिकट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं होने के बावजूद सोशल मीडिया पर अलग-अलग वार्डों में प्रत्याशियों के नाम तेजी से वायरल हो रहे हैं, समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम और फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर अधिकृत घोषणा नहीं होने के कारण कई वार्डों में अब भी सस्पेंस बना हुआ है, इसी कारण स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति है, कई दावेदारों और उनके समर्थकों को यह तक पता नहीं चल पा रहा कि पार्टी का अंतिम फैसला किसके पक्ष में गया है, ऐसे में शनिवार को पार्टी कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के आवासों पर टिकट की जानकारी लेने वालों की आवाजाही भी बनी रही.
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वार्ड 26 में भाजपा के खिलाफ विरोध के स्वर : इसी बीच भाजपा में टिकट वितरण को लेकर विरोध के स्वर भी सामने आने लगे हैं. बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 में निवर्तमान पार्षद रामदयाल पंचारिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग भाजपा जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़ के आवास पर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने वार्ड से किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट दिए जाने का विरोध किया. समर्थकों का कहना था कि वार्ड में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे लोगों की अनदेखी कर बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया तो इसका चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टिकट पर पुनर्विचार करने की मांग की. रामदयाल पंचारिया के साथ पहुंचे लोग जिला अध्यक्ष के आवास के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए.
जिला अध्यक्ष ने समझाइश का किया प्रयास : विरोध की सूचना के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया. जिला अध्यक्ष की ओर से कार्यकर्ताओं की बात सुनी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी टिकट बदलने की मांग पर अड़े रहे. कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि पार्टी ने वार्ड के स्थानीय समीकरण और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज किया तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है. हालांकि, इस पूरे मामले में भाजपा की ओर से प्रत्याशी को लेकर आधिकारिक सूची जारी नहीं किए जाने के कारण अंतिम स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है.
शनिवार को चार प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन : नामांकन प्रक्रिया के तहत शनिवार को भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कुल चार प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए. भाजपा की ओर से वार्ड संख्या 26 से मधु सुराणा और वार्ड संख्या 62 से गोपाल अग्रवाल ने नामांकन दाखिल किया. वहीं वार्ड संख्या 1 से चंद्रकला ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया. इसके अलावा वार्ड संख्या 23 से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की प्रत्याशी ने भी अपना नामांकन दाखिल किया. हालांकि शनिवार को नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या कम रही, लेकिन सोमवार को बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल किए जाने की संभावना है.
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सोमवार को साफ होगी तस्वीर : नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार होने के कारण अब राजनीतिक दलों के पास प्रत्याशियों के चयन और असंतुष्ट दावेदारों को मनाने के लिए बेहद कम समय बचा है. ऐसे में रविवार को दोनों दलों में बैठकों और संपर्कों का दौर तेज होने की संभावना है. खास बात यह है कि जिन वार्डों में टिकट को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है, वहां पार्टी के अधिकृत सिंबल के साथ नामांकन दाखिल होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. इसके साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि टिकट नहीं मिलने वाले दावेदार पार्टी के साथ रहते हैं या निर्दलीय अथवा किसी अन्य दल के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरते हैं.
नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ प्रत्याशी चयन की नहीं, बल्कि टिकट वितरण के बाद होने वाले संभावित असंतोष को संभालने की भी है. अंतिम समय तक टिकटों को गोपनीय रखने की रणनीति इसी डैमेज कंट्रोल का हिस्सा मानी जा रही है. अब सोमवार को नामांकन के साथ ही बीकानेर के सभी 80 वार्डों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी.

