BJP @2047..जानें 45 साल के नेता के सहारे कैसे फ्यूचर पॉलिटिक्स की बड़ी तैयारी कर रही भाजपा
फ्यूचर पॉलिटिक्स को देखते हुए भाजपा ने जेनरेशन चेंज की ओर कदम बढ़ाया है. जानें नए लीडरशिप के क्या है मायने.

Published : December 16, 2025 at 7:11 PM IST
पटना: भारतीय जनता पार्टी ने अगले 20 साल के लिए सियासी पिच तैयार कर ली है और उस पर खेलने के लिए खिलाड़ियों को भी उतार दिया है. योजना के मुताबिक पार्टी ने युवा नेताओं के ऊपर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर अगले 20 साल के लिए मजबूत पंक्ति तैयार कर ली है. नितिन नबीन, संजय सरावगी और मंगल पांडे इसके उदाहरण हैं. 45 साल के युवा नेता नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
अगले 20 साल के लिए भाजपा की रणनीति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाजपा के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी कदमताल कर रही है. भारतीय जनता पार्टी ने मिशन मोड में काम करना शुरू कर दिया है.
पहली पक्ति में युवा: अगले 20 साल की सियासत को साधने के लिए भाजपा का रोड मैप तैयार है. भाजपा ने युवाओं को फ्रंटलाइन पर लाना शुरू कर दिया है राज्यों के मुख्यमंत्री की नियुक्ति में भी इसका ख्याल रखा जा रहा है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति भी महज 45 साल की युवा की हुई. बिहार के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी युवा नेता की श्रेणी में है.
नितिन नबीन और सरावगी को अहम जिम्मेदारी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ऐसे नेताओं के कंधों पर जिम्मेदारी देना शुरू किया है, जो 50 साल या उससे कम उम्र के हैं. उसी कड़ी में 45 साल के युवा नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष भी संजय सरावगी भी 56 साल की उम्र के आसपास हैं.

बिहार BJP के युवा सिपहासालार: बिहार में भी भाजपा ने युवा कंधों पर भरोसा जताया है. बिहार विधानमंडल दल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी को आगे किया गया है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी लगभग 57 साल के हैं.
1967 में जन्मे विजय सिन्हा को भी पार्टी ने उपमुख्यमंत्री बनाया है. विजय सिन्हा भी लगभग 58 साल के हैं. साल 1972 में जन्मे मंगल पांडे को भी भाजपा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी हुई है. मंगल पांडे जहां बिहार में कोर कमेटी के सदस्य हैं. वहीं पश्चिम बंगाल के प्रभारी भी हैं. मंगल पांडे की उम्र वर्तमान में 53 साल के आसपास है.

50 साल उम्र पूरी कर चुके नेताओं की पूछ बढ़ी: भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे के समय भी इस बात का ख्याल रखा था कि 50 साल या उसके आसपास के उम्र के नेताओं को ही टिकट दिया जाए. भाजपा के इस सोच का नतीजा है कि भाजपा के 89 विधायकों में 50 से अधिक विधायक ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल के आसपास है. बिहार कैबिनेट में भी रामकृपाल यादव और नारायण प्रसाद को छोड़कर ज्यादातर नेता 50 साल या उसके आसपास हैं.
सीनियर लीडर को पार्टी ने किया किनारे: भारतीय जनता पार्टी एक और मोर्चे पर काम कर रही थी. एक और जहां युवाओं को आगे किया जा रहा था, वहीं 70 साल की उम्र पूरी कर चुके नेताओं को किनारे भी किया जा रहा था. 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 साल की उम्र पूरी कर चुके ज्यादातर नेताओं की टिकट काट दी थी.
उम्र बना बैरियर: भारतीय जनता पार्टी ने अरुण कुमार सिंह, अमरेंद्र प्रताप, रामप्रीत पासवान, नंदकिशोर यादव सरीखे नेताओं को टिकट नहीं दिया. अपवाद के तौर पर बड़हरा के राघवेंद्र प्रताप रहे, जिन्हें 70 साल की उम्र पूरी करने के बाद ही टिकट दी गई. रेणु देवी को भी इस बार कैबिनेट में जगह नहीं मिली.
तीसरी बार BJP में पीढ़ी परिवर्तन: बता दें कि भाजपा में हर 20 साल पर पीढ़ी परिवर्तन होती है. 1980 के दशक में कैलाशपति मिश्र, लाल मुनी चौबे, ताराकांत झा और जनार्दन यादव जैसे नेताओं ने बिहार बीजेपी को आगे बढ़ने का काम किया था.
2000 आते-आते परिस्थितियां बदली और उनकी जगह सुशील मोदी, नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार और नवीन किशोर सिन्हा ने ली. दो दशक से अधिक समय तक सुशील मोदी, नंदकिशोर यादव और प्रेम कुमार ने सरकार और संगठन की जिम्मेदारी संभाले रखी. तीसरी बार पीढ़ी परिवर्तन को भाजपा और संघ ने मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है.
'बदलती रहती है नेताओं की भूमिका': भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू ने कहा है कि पार्टी में नेताओं की भूमिका बदलती रहती है. 20 साल पहले जो थे, वह आज नहीं हैं, जो आज हैं वह 20 साल बाद नहीं रहेंगे. हमारी पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन हर 20 या 25 साल पर होता है.
"दूसरे दलों को हमारे कार्य संस्कृति से सीखने की जरूरत है. पार्टी की सोच है कि युवा नेताओं के ऊपर जिम्मेदारी दी जाए, ताकि युवा बिहार और देश को आगे ले जाने का काम करें. 45 साल के युवा नेता नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने संकेत भी दिए हैं. बिहार में भी युवा नेता संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पहले से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं."- सिद्धार्थ शंभू, प्रदेश उपाध्यक्ष, बीजेपी

भाजपा कार्य समिति के सदस्य शिशिर चौबे ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा है और विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को देखते हुए अगले 20 साल के लिए नेताओं की भूमिका तय की जा रही है. युवा कंधों पर जिम्मेदारी दी जा रही है. तमाम युवा नेता प्रधानमंत्री के सपने को सच करने के लिए मेहनत कर रहे हैं.
"नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने युवाओं को संकेत दिया है युवा जब सशक्त होंगे तभी देश भी सशक्त होगा."- शिशिर चौबे, सदस्य,भाजपा कार्य समिति
भविष्य की सियासत: राजनीतिक विश्लेषक विनायक प्रसाद मानते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा मिलकर काम करती है. संघ भविष्य की सियासत को ध्यान में रखते हुए नेताओं की टीम तैयार करने में अपनी भूमिका निभाती है. अगले 20 साल की राजनीति को देखते हुए भाजपा और संघ वर्तमान में काम कर रही है.

"वैसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है जो अगले 20 साल तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें. नितिन नबीन इसका उदाहरण हैं. इसके साथ ही भाजपा दूसरे मोर्चे पर भी काम करती है. सीनियर लीडर की भूमिका को भाजपा सीमित कर रही है. मिशाल के तौर पर नंदकिशोर यादव,अमरेंद्र प्रताप सिंह,अरुण कुमार सिन्हा और रेणु देवी जैसे नेताओं का नाम शामिल है."- विनायक प्रसाद, राजनीतिक विश्लेषक
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