बीजेपी ने कहा 'यूजीसी' के नाम पर हिन्दू समाज को तोड़ने की कोशिश, मंत्री सुदिव्य बोले- बांटने की राजनीति का चल रहा है अंतिम चरण
निकाय के चुनाव में भी यूजीसी का मुद्दा गरमा गया है. बीजेपी और झामुमो एक दूसरे पर समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं.


Published : February 19, 2026 at 7:18 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 7:29 PM IST
गिरिडीह: चुनाव निकाय का चल रहा है, लेकिन माहौल को यूजीसी के नए नियमावली ने गरमा रखा है. इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा आमने सामने आ गई है. भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है. गुरुवार को भाजपा नेता सह पूर्व मंत्री डॉ रवींद्र राय और राज पालीवार ने आरोपों की झड़ी लगा दी.
शहर के प्रसिद्ध होटल में मीडिया से बात करते हुए डॉ रवींद्र राय ने कहा कि निकाय या पंचायत का चुनाव स्थानीय मुद्दे पर होता है. नीति निर्धारण और कानून की बातें विधानसभा या लोकसभा के चुनाव में होती है. झारखंड मुक्ति मोर्चा और खासकर गिरिडीह के विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार स्थानीय मुद्दों की जगह हिन्दू समाज को विभाजित करने में जुटी है. जो मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, जिस मामले को लेकर केंद्र की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मोदी सरकार किसी का अहित होने नहीं देगी. वैसे मामले को लेकर हेमंत के मंत्री सवर्ण समाज को दिग्भ्रमित करने के प्रयास में जुटे हैं. भाजपा हिंदुओं को एक सूत्र में बांधकर रखने का काम किया है. इस दौरान बीजेपी जिला महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, पूर्व जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, चुन्नू कांत एवं अशोक उपाध्याय समेत कई नेता मौजूद थे.
मंत्री का पलटवार, कहा बंटवारे की राजनीति करती है भाजपा
इधर पूर्व मंत्री के बयान पर नगर विकास मंत्री ने जवाब दिया है. माथाडीह में आयोजित मिलन समारोह में मंत्री ने कहा कि 'बांटने और बंटवारे की राजनीति करने वाली पार्टी के लोग मुझ पर समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा शुरू से ही जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभेद पैदा करती रही है. पहले धर्म के नाम पर अब जाति-जाति को बांट रही है. इसका उदहारण निकाय का यह चुनाव है. इस बार भाजपा ने गरीब दलित के बजाए अमीर दलित को समर्थन दिया है. यदि समाज को बांटना नहीं होता तो टिकट देने में अमीर-गरीब का पैमाना कैसे आ गया. उन्होंने कहा कि बंटवारे की राजनीति का अब अंतिम चरण चल रहा है. धर्म और जाति के नाम पर जब भी बांटने का प्रयास किया गया तो देश को नुकसान हुआ है. कहा कि जेएमएम ने प्रमिला को समर्थन दिया है और जनता भी इसी के साथ है.

इन्होंने किया सम्बोधित
इस कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी ने यहां की बेटी और बहू को समर्थन दिया है. कहा कि यहां फर्जी प्रमाण पत्र वाले भी मैदान में हैं इनसे बचने की जरूरत है. प्रमिला मेहरा ने भी सभा को सम्बोधित किया. इस दौरान भाजपा से त्यागपत्र देनेवाले नागेश्वर दास की झामुमो में वापसी हुई. यहां बता दें कि नागेश्वर ने भाजपा से बगावत कर मेयर पद के लिए नामांकन किया था अब वे जेएमएम समर्थित प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा दिख रहे हैं. इससे मेयर का चुनाव दिलचस्प हो गया है.
ये भी पढ़ें:
कांग्रेस और बीजेपी ने किया जारी घोषणा पत्र, धनबाद और बोकारो में आला नेताओं का लगा जमावड़ा

