ई-ऑफिस के इस्तेमाल में प्रदेशभर में बिलासपुर अव्वल, जानें क्यों जरूरी है ये प्रणाली
ई-ऑफिस प्रणाली के तहत बिलासपुर में प्रदेशभर में सबसे ज्यादा 1.96 लाख से ज्यादा गतिविधियां दर्ज की गई, दूसरे स्थान पर रहा शिमला.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 8:09 PM IST
बिलासपुर: डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और सरकारी कामकाज को ज्यादा पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में बिलासपुर जिला प्रशासन ने प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है. डीसी ऑफिस बिलासपुर ने ई-ऑफिस के प्रभावी एवं व्यापक इस्तेमाल में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक डीसी ऑफिस बिलासपुर में कुल 1,96,784 ई-ऑफिस गतिविधियां दर्ज की गई हैं. इसके साथ ही जिला उपायुक्त कार्यालयों की ओवरऑल रैंकिंग में बिलासपुर टॉप पर रहा है.
ई-ऑफिस मामले में बिलासपुर का पहला स्थान
डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि निर्धारित अवधि में डीसी ऑफिस बिलासपुर में 148 ई-फाइलें तैयार की गई, जबकि 3876 ई-फाइलें मूव की गई. इसी अवधि में 1545 ई-रसीदें बनाई गईं और 1,91,215 ई-रसीदों को मूव किया गया. इस तरह ऑफिस में कुल ई-ऑफिस गतिविधियों का आंकड़ा 1,96,784 तक पहुंच गया है. ई-ऑफिस के इस्तेमाल में बिलासपुर ने प्रदेश के अन्य जिलों को काफी पीछे छोड़ दिया है. रैंकिंग में डीसी ऑफिस शिमला 1,17,984 गतिविधियों के साथ दूसरे, जबकि डीसी ऑफिस मंडी 1,11,822 गतिविधियों के साथ तीसरे स्थान पर रहा. इसके अलावा चंबा 59,522 गतिविधियों के साथ चौथे और हमीरपुर 24,180 गतिविधियों के साथ पांचवें स्थान पर रहा.
"जिला प्रशासन की ओर से ई-ऑफिस के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सरकारी कामकाज में डिजिटल माध्यम को अपनाने से कार्यप्रणाली ज्यादा दक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनती है." - राहुल कुमार, डीसी बिलासपुर
शिमला से 79 हजार ज्यादा ई-ऑफिस गतिविधियां
डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि बिलासपुर की उपलब्धि इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि जिले ने दूसरे स्थान पर रहे शिमला की तुलना में करीब 79 हजार ज्यादा ई-ऑफिस गतिविधियां दर्ज की हैं. इससे जिला प्रशासन में डिजिटल माध्यम से फाइलों और पत्राचार के निस्तारण को लेकर अपनाई जा रही कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है.
क्यों जरूरी है ई-ऑफिस प्रणाली ?
ई-ऑफिस प्रणाली सरकारी ऑफिसों में पारंपरिक कागजी कार्यप्रणाली (Paperwork-based procedure) की जगह पर डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देती है. इसके जरिए फाइलों और पत्राचार की ऑनलाइन आवाजाही होने से अधिकारियों के स्तर पर कार्यों की निगरानी आसान होती है. साथ ही फाइलों के समयबद्ध निस्तारण, रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन और कार्यालयी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है. डिजिटल व्यवस्था के चलते अधिकारियों को फाइलों की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन मिल सकती है. इससे लंबित मामलों की निगरानी और उनके शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिलती है. ऐसे में बिलासपुर प्रशासन की यह उपलब्धि जिले में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
"ई-ऑफिस के उपयोग में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. प्रशासन का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा कार्यालयी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाए, ताकि आम लोगों से जुड़े कार्यों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण हो सके. बिलासपुर का ई-ऑफिस गतिविधियों में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता को दर्शाता है." - राहुल कुमार, डीसी बिलासपुर

