सरकारी लैब में अब निशुल्क टेस्ट का भी देना होगा शुल्क, अस्पताल प्रशासन ने जारी किए आदेश
बिलासपुर अस्पताल में अब सरकारी लैब के टेस्ट निशुल्क नहीं होंगे. बढ़ती देनदारी के चलते मरीजों से शुल्क वसूलने का फैसला किया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 11:33 AM IST
बिलासपुर: क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में अब सरकारी लैब में होने वाले निशुल्क टेस्टों के लिए भी मरीजों को शुल्क चुकाना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और शुल्क वसूलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. हालांकि, बेहद गरीब और जरूरतमंद मरीजों को परिस्थितियों के आधार पर टेस्ट शुल्क में छूट दी जा सकेगी.
अस्पताल प्रशासन के इस निर्णय से अब क्षेत्रीय अस्पताल में जांच करवाने वाले मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. वहीं, अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि सरकारी लैब की सेवाओं को सुचारू बनाए रखने और बढ़ती देनदारी को नियंत्रित करने के लिए यह कदम आवश्यक है.
लंबे समय से बढ़ रही थी देनदारी
चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर एके सिंह ने कहा कि 'अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की सरकारी लैब पर पिछले काफी समय से देनदारी लगातार बढ़ रही थी. देनदारी बढ़ने के कारण लैब की सेवाएं कुछ महीनों तक प्रभावित रही थीं. अस्पताल प्रशासन के समक्ष लैब के संचालन और बढ़ती देनदारी को लेकर लगातार समस्या बनी हुई थी. इसी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में सरकारी लैब में होने वाले टेस्ट के शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव रखा गया. बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत जिन टेस्ट के लिए पहले मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, उनके लिए भी निर्धारित शुल्क लिया जाएगा. अस्पताल में अब सभी प्रकार के टेस्ट किए जा रहे हैं.'
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लैब पर बढ़ रही वित्तीय देनदारी को देखते हुए ये निर्णय लेना जरूरी हो गया था. शुल्क लिए जाने से लैब के संचालन में आने वाले खर्च को पूरा करने में मदद मिलेगी और मरीजों को लगातार जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने में भी सहूलियत होगी. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को राहत दी जाएगी. ऐसे में मरीजों की स्थिति को देखते हुए विशेष परिस्थिति में उनके टेस्ट निशुल्क किए जा सकते हैं. इसके लिए संबंधित मरीज की आर्थिक स्थिति और जरूरत को ध्यान में रखा जाएगा.
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