'विकास के पैसे से अधिकारियों के लिए खरीद ली महंगी गाड़ियां', कांग्रेस के ही पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल
बिलासपुर में लाडा (LADA) फंड के इस्तेमाल पर विवाद शुरू हो गया है. पूर्व मंत्री सीएम से मामले की जांच की मांग की है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 24, 2026 at 4:00 PM IST
बिलासपुर: जिला बिलासपुर में लाडा (स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण) फंड के उपयोग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाले लाडा फंड का उपयोग अधिकारियों के लिए महंगी गाड़ियां खरीदने में किया जा रहा है.
रामलाल ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन ने लाडा फंड से चार महंगी गाड़ियां खरीदी हैं, जिनमें एक वाहन माइनिंग अधिकारी और अन्य अधिकारियों को उपलब्ध करवाए गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित धनराशि को वाहनों की खरीद पर खर्च किया गया. पूर्व मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और ये स्पष्ट किया जाना चाहिए कि लाडा फंड से वाहनों की खरीद की आवश्यकता क्यों पड़ी. मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और फंड के उपयोग की समीक्षा कराने की मांग की.
रामलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिलासपुर जिला खनन गतिविधियों का दुष्प्रभाव झेल रहा है, लेकिन उससे मिलने वाली राशि का लाभ प्रभावित क्षेत्रों को नहीं मिल रहा. एसीसी बरमाणा और जेपी उद्योग से जुड़े खनन क्षेत्रों का असर बिलासपुर की पंचायतों पर पड़ता है, लेकिन कई मामलों में राजस्व और फंड अन्य जिलों को चला जाता है. लाडा फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है.।
ऐसे में यदि इस राशि का उपयोग अधिकारियों की सुविधाओं पर किया जा रहा है तो ये गंभीर विषय है. जिला प्रशासन को जनता के सामने ये स्पष्ट करना चाहिए कि लाडा फंड से खरीदी गई गाड़ियों की स्वीकृति किस स्तर पर मिली और इसके लिए क्या नियम अपनाए गए. यदि मामले की जांच नहीं हुई तो इसे जनहित का बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा.
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