चॉकलेट में कीड़ा मिलने के बाद एक्शन में फूड सेफ्टी विभाग, शहर की दुकानें से लिए सैंपल
शहरभर में दुकानों से ब्रांडेड और अन्य चॉकलेट के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 4:13 PM IST
बिलासपुर: बीते दिनों बिलासपुर शहर में एक चॉकलेट में कीड़ा मिलने से खासा बवाल मचा था. जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग भी एक्टिव मोड में आ गया है. विभाग की टीम ने अब शहर की विभिन्न दुकानों पर छापेमारी कर चॉकलेट के सैंपल भरे और जांच के लिए उन्हें लैब में भेज दिया है. फूड सेफ्टी विभाग बिलासपुर के सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि चॉकलेट में कीड़ा पाए जाने की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई ब्रांडेड व अन्य चॉकलेट के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए भेजे गए.
"बिलासपुर शहर में कई दुकानों से ब्रांडेड व अन्य चॉकलेट के सैंपल इकट्ठे करके लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी प्रकार की लापरवाही या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेताओं व कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी." - महेश कश्यप, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग बिलासपुर
दुकानदारों से विभाग की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी खाद्य पदार्थ में खराबी या संदिग्ध वस्तु मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
चॉकलेट में मिला था कीड़ा और अंडे
गौरतलब है कि बिलासपुर में बीते दिनों एक नामी कंपनी की चॉकलेट में जिंदा कीड़ा और उसके अंडे निकले. ग्राम पंचायत नौणी के गांव मंडी मानवा के निवासी रमेश चंद कौंडल ने आरोप लगाया कि उन्होंने बाजार से 5 रुपये की चॉकलेट खरीदी थी. घर पहुंचकर जब उन्होंने बच्चे को चॉकलेट देने के लिए उसका रेफर खोला, तो अंदर एक जिंदा कीड़ा दिखाई दिया, जिसने चॉकलेट पर अंडे भी छोड़ रखे थे. जबकि चॉकलेट के पैकेट पर एक्सपायरी डेट मई 2026 दर्ज थी. इस घटना ने एक बार फिर बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना ने एक बार फिर से बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

