बिलासपुर के डॉ. निशांत नड्डा को बड़ी जिम्मेदारी, स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त निदेशक नियुक्त
डॉ. निशांत नड्डा देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित युद्ध नायक कैप्टन भंडारी राम के पौत्र हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 28, 2026 at 9:25 PM IST
बिलासपुर: बिलासपुर जिले के युवा और प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. निशांत नड्डा ने अपनी मेहनत और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान से एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. डॉ. निशांत नड्डा को हिमाचल प्रदेश स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन का संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति को प्रदेश में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
IGMC में हुई बैठक में लिया गया फैसला
डॉ. निशांत नड्डा की नियुक्ति का निर्णय शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में आयोजित हिमाचल प्रदेश की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता IGMC शिमला की प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने की. वर्तमान में डॉ. निशांत नड्डा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चामियाना, शिमला के नेफ्रोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. इसके साथ ही उन्हें प्रोक्योरमेंट कमेटी का सदस्य भी बनाया गया है.
अंगदान और ट्रांसप्लांट व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी
नई जिम्मेदारी के तहत डॉ. निशांत नड्डा राज्य में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे. प्रदेश में ऑर्गन ट्रांसप्लांट सिस्टम को मजबूत करने, जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम रहेगी.
प्रतिष्ठित परिवार से रखते हैं संबंध
डॉ. निशांत नड्डा मूल रूप से बिलासपुर जिले के रहने वाले हैं. वह देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित युद्ध नायक कैप्टन भंडारी राम के पौत्र हैं. उनके पिता सुरेश नड्डा भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त प्रबंधक हैं, जबकि माता अरुणा नड्डा गृहिणी हैं। उनकी पत्नी डॉ. निधि चौहान नड्डा भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं.
PGI चंडीगढ़ से की नेफ्रोलॉजी की पढ़ाई
डॉ. निशांत नड्डा ने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) चंडीगढ़ से नेफ्रोलॉजी में सुपर स्पेशियलिटी की शिक्षा हासिल की है. इससे पहले वह डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा, सिविल अस्पताल घुमारवीं, चायल और IGMC शिमला में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण उन्होंने अलग पहचान बनाई है. डॉ. निशांत नड्डा की इस उपलब्धि पर बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है.
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