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सार्वजनिक स्थान पर किया नशा तो नहीं मिलेंगी सरकारी सुविधाएं, फेरी वालों का पंजीकरण जरूरी, किन्नरों की राशि भी तय

पंचायत ने सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव पारित किया.फेरी वालों का पंजीकरण जरूरी किया गया है

ग्राम सभा में उपस्थित अधिकारी
ग्राम सभा में उपस्थित पदाधिकारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 5:18 PM IST

3 Min Read
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बिलासपुर: ग्राम पंचायत दयोथ ने एक अलग मिसाल पेश की है. पंचायत की पहली ही ग्राम सभा में ऐसे कड़े और चर्चित फैसले लिए गए हैं, जिनकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है. ग्राम पंचायत दयोध के कार्यालय में प्रधान मदन कौशल की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कोरम पूरा होने के बाद सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए. ग्राम सभा में नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर नशा करते हुए पकड़े जाने वाले व्यक्तियों को पंचायत की सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव पारित किया गया.

पंचायत ने लिए ये फैसले

ग्राम सभा में निर्णय लिया गया कि पंचायत क्षेत्र में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए ये कदम उठाया गया है. पंचायत का मानना है कि सामाजिक जागरूकता और कड़े निर्णयों के माध्यम से नशे जैसी बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत के अधीन आने वाले सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों तथा पंचायत का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को हर वर्ष ग्राम पंचायत की ओर से सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में बिना पंजीकरण के फेरी लगाने वालों पर रोक लगाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. वहीं किन्नरों को बधाई स्वरूप ₹1100 से ₹2100 तक की राशि प्रदान करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया.

ग्राम सभा में उप प्रधान श्याम लाल ठाकुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भजुन के डॉ. कुलदीप ठाकुर, आयुर्वेदिक अस्पताल दयोथ के डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, हल्का पटवारी रविन्द्र कुमार, पंचायत के वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों को पंचायत क्षेत्र के सामाजिक विकास, शिक्षा के प्रोत्साहन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया. इससे पहले हमीरपुर की ग्राम पंचायत देई दा नौण में भी ऐसे फैसले लिए गए थे. इसकी चर्चा भी पूरे क्षेत्र में हुई थी. हिमाचल में नशे का प्रभाव बढ़ रहा है. कई युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. सरकार और पुलिस ने इसके खिलाफ अभियान चला रखा है. अब पंचायतें भी इसके खिलाफ मजबूती से खड़ी हो गई हैं. नई पंचायतें अब नशे के खिलाफ सख्ती बरत रही हैं.

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