बिलासपुर में आईपीटीवी और ओटीटी के नाम पर ठगी, सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी
बिलासपुर में नए तरीके के फ्रॉड का खुलासा हुआ है. आईपीटीवी और ओटीटी के नाम पर ठगी हुई है. संजय कुमार यादव की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 21, 2026 at 4:33 PM IST
बिलासपुर: आईपीटीवी और ओटीटी सेवा के जरिए एक निजी कंपनी से 22 लाख रुपये की ठगी हुई है. शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने केबल नेटवर्क कंपनी कैटविजन लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज किया है. कंपनी के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया गया है. गुरुवार को बिलासपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है.
सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि शिकायतकर्ता सीसीएन एंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल हैं. कंपनी का कार्यालय वेयरहाउस रोड, बिलासपुर में है और बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में केबल नेटवर्क के माध्यम से चैनलों का प्रसारण किया जाता है.
22 लाख रुपये की हुई ठगी
शिकायतकर्ता ने कैटविजन लिमिटेड से आईपीटीवी और ओटीटी सेवा उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया था. शिकायत के अनुसार कंपनी के प्रतिनिधि अंकुर , दिलीप और राजेश समेत अन्य अधिकारियों ने कंपनी कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की. उन्होंने आईपीटीवी-ओटीटी सेवा शुरू करने का भरोसा दिलाया. इसके बाद 24 सितंबर 2021 के परचेज ऑर्डर के आधार पर शिकायतकर्ता ने 26 अक्टूबर 2021 को एनपीसीआई बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए.
तीन किस्तों में ट्रांसफर हुए पैसे
राशि प्राप्त करने के बाद कंपनी की ओर से कुछ उपकरण औपचारिक तौर पर लगवाए गए, लेकिन आईपीटीवी और ओटीटी सेवा शुरू नहीं की गई. करीब चार महीने बाद तकनीकी उपकरणों की आवश्यकता बताकर 10 लाख रुपये और मांगे गए. शिकायतकर्ता ने 16 मार्च 2022 को चेक के माध्यम से यह राशि भी भुगतान कर दी. इसके बाद भी सेवा शुरू नहीं हुई.तीसरे भुगतान के रूप में दो लाख रुपये की मांग की गई, जिसका भुगतान 15 अक्टूबर 2022 को चेक के जरिए किया गया. इस तरह शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी को कुल 22 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, लेकिन करीब चार साल बीतने के बावजूद सेवा शुरू नहीं की गई.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि लगातार ईमेल और फोन के माध्यम से संपर्क करने के बावजूद कंपनी के अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और टालमटोल करते रहे. शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. उसके बाद केस की जांच शुरू कर दी गई है.

