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पुलिस जिप्सी से बाइक सवार की हुई थी मौत, देने होंगे पौने 7 लाख रुपये

पटना उच्च न्यायालय ने दो मामलों में महत्वपूर्ण फैसले सुनाए. याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय दिया गया. पढ़ें खबर

PATNA HIGH COURT
कॉसेप्ट फोटो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 28, 2025 at 1:04 PM IST

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पटना : पटना हाईकोर्ट ने पुलिस जिप्सी से हुई दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक की मौत पर पौने सात लाख रुपये का मुआवजा सूद सहित देने का आदेश दिया है. जस्टिस राजीव रॉय ने राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका को निष्पादित करते हुए मुआवजा राशि देने की समय सीमा तय कर दी. कोर्ट ने भुगतान में देरी करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनसे वसूलने की पूरी छूट राज्य सरकार को दी है.

क्या है पूरा मामला? : दरअसल पीड़िता के पति अपने भाइयों के साथ 7 मार्च 2011 को मोटरसाइकिल से जा रहे थे. जमुई के पावर ग्रिड क्रॉसिंग के पास, एक सैंट्रो कार का पीछा करते हुए पुलिस जिप्सी ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. इसके बाद मोटरसाइकिल चालक को जमुई के गिद्धौर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

लोगों ने जिप्सी फूंक दी : दुर्घटना के बाद पुलिस पार्टी जिप्सी को छोड़कर भाग गई. इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस जिप्सी में आग लगा दी. जिसको लेकर 7 मार्च 2011 को गिद्धौर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मोटरसाइकिल चालक भोला यादव के पास वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. वही कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने की बात कही है.

पौने सात लाख रुपया देने का आदेश : कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस जिप्सी तेजी और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए टक्कर मारी थी. इससे कमाने वाले की मौत हो गई. जमुई के मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण ने मोटरसाइकिल चालक का न्यूनतम वेतन तीन हजार रुपये प्रति माह मान कर पीड़िता को 6 लाख 74 हजार 8 सौ रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के दर से भुगतान करने का आदेश दिया.

समय सीमा तय की गई : इधर राज्य सरकार ने इस आदेश की वैधता को हाई कोर्ट में चुनौती दी. हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता को अब तक मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है, तो वह 31 दिसम्बर 2025 तक ब्याज सहित भुगतान पाने का हकदार है. कोर्ट ने यह भी कहा कि भुगतान करने में विफल रहने पर पीड़िता 1 जनवरी 2026 से 9 प्रतिशत ब्याज पाने का हकदार होगी. 31 मार्च 2026 तक भुगतान नहीं किये जाने पर दावेदार 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि पाने का हकदार होगी.

PATNA HIGH COURT
पटना उच्च न्यायालय (ETV Bharat)

तीन दिनों के अंदर गाड़ी छोड़ें : वहीं एक दूसरे मामले में पटना हाई कोर्ट ने बिहार मद्यनिषेध कानून के तहत जब्त अली अशरफ सिद्दीकी की गाड़ी पर की गई कार्रवाई को अनुचित बताते हुए वाहन को तीन दिनों के भीतर रिहा करने का निर्देश दिया है. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि जब वाहन चोरी होने की आधिकारिक रिपोर्ट मौजूद है. साथ ही मालिक की संलिप्तता का कोई साक्ष्य नहीं है, तब जब्ती उचित नहीं मानी जा सकती.

10 हजार मुकदमा खर्च देने का निर्देश : याचिकाकर्ता के वकीलों सतीश चंद्र मिश्रा और नुरुल होदा ने कोर्ट को बताया कि गाड़ी 6 मई 2024 को चोरी हो गई थी. काफी समय बाद शराब के साथ बरामद हुई. इसके बावजूद जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सीवान ने दंड जमा कराने और नीलामी प्रक्रिया बढ़ाने का आदेश दिया. इसे अपीलीय अधिकारी ने भी सही ठहराया. कोर्ट ने इन आदेशों को कानून के विपरीत मानते हुए रद्द कर दिया और राज्य सरकार को याचिकाकर्ता को ₹10,000 मुकदमा खर्च देने का भी निर्देश दिया.

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