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अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव : साल भर मेहनत और खास देखभाल, तब दिखता है 'रौबीला अंदाज'

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंट उत्सव बीकानेर की पहचान है, जिसमें संस्कृति के कई रंग देखने को मिलते हैं. राजस्थानी संस्कृति पर्यटकों को खासा लुभाता है.

Bikaner Camel Festival
ऊंट उत्सव के लिए तैयारी करते रौबीले... (ETV Bharat Bikaner)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 8, 2026 at 4:34 PM IST

3 Min Read
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बीकानेर: पूरे साल भर तक मेहनत अलग-अलग तरीकों से मेंटेन करना. बालों पर लगाने के लिए रीठा, मुल्तानी मिट्टी, आंवला जैसे आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का प्रयोग. ये सब दिनचर्या उन लोगों की है, जिनकी तस्वीरें कैमल फेस्टिवल के रंग दिखाती हैं. जी हां, बिल्कुल यह वह लोग हैं जो इस ऊंट उत्सव के दौरान अपनी खास एंट्री से सबका ध्यान खींचते हैं. हम बात कर रहे हैं रौबीलों की.

साल भर मेहनत : हर साल ऊंट उत्सव में भाग लेने वाले करम चंद पड़िहार कहते हैं कि ऊंट उत्सव का इंतजार पूरे साल रहता है और यह हमारी संस्कृति से जुड़ा आयोजन है. दाढ़ी और मूंछ को बढ़ाना और मेंटेन करने के सवाल पर दिखाते हैं कि जिस दिन से इसे बढ़ाना शुरू किया, तब से ही मेंटेन करना पड़ता है. साबुन और शैंपू का उपयोग कम से कम और मुल्तानी मिट्टी और दूसरे घरेलू उपाय और सरसों के तेल की मालिश का उपयोग करते हुए इसे मेंटेन करते हैं. हालांकि, इसमें समय लगता है, लेकिन ये अब आदत में शुमार हो गया है.

क्या कहते हैं रौबीले, सुनिए... (ETV Bharat Bikaner)

जड़ों से जुड़ना जरूरी : बीकानेर में आयोजित कैमल फेस्टिवल में मिस्टर बीकानेर का खिताब जीत चुके और साथ ही कई अन्य प्रतियोगिताओं में विजेता रह चुके किशोर कल्ला कहते हैं कि यह हमारी पहचान है. दाढ़ी-मूंछ से हमें एक पहचान मिली है और देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच हमारा एक अलग ही आकर्षण भी रहता है.

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मिट्टी की बात अलग : रौबीले कहते हैं कि राजस्थान की संस्कृति पूरे देश में अलग है और जब विश्व गुरु के रूप में हमारा देश आगे बढ़ रहा है तो निश्चित रूप से राजस्थान देश में उस पंक्ति में सबसे आगे है जो अपनी मिट्टी से जुड़ा हुआ है. उसको इस बात की अहमियत पता है. वे कहते हैं कि लोग ऊंट उत्सव के अलावा भी हमें अन्य आयोजनों में बुलाते हैं और सालों की मेहनत अब धीरे-धीरे पहचान के रूप में रंग ला रही है.

Bikaner Camel Festival
ऊंट उत्सव के रौबीले (ETV Bharat Bikaner)

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प्रतिस्पर्धा से अलग : ऊंट उत्सव की शुरुआत से पहले इन रौबीलों की मिस्टर बीकानेर प्रतियोगिता में भागीदारी देखने को मिलती है, लेकिन उस भागीदारी में होने वाली प्रतिस्पर्धा की तैयारी के समय यह सारे लोग एक साथ रहते हैं. वहीं, एक दूसरे की मदद के लिए भी तैयार रहते हैं. जिस दिन प्रतियोगिता होती है, उस दिन अपने हुनर और प्रेजेंटेशन से लोगों का मन मोह लेते हैं.