बीजापुर में 4 नक्सली स्मारक ध्वस्त, 15 फीट ऊंचे अवैध ढांचों को तोड़ा गया
बीजापुर में सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन जैसे-जैसे करीब आ रही है वैसे-वैसे सुरक्षाबल जंगलों में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 20, 2026 at 8:48 PM IST
बीजापुर: जिले में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी सफलता मिल रही है. 20 फरवरी को भी फरसेगढ़ और तर्रेम थाना क्षेत्र में चलाए गए अलग-अलग अभियानों में कुल 4 अवैध नक्सल स्मारकों को ध्वस्त किया गया.
जंगलों में बने थे स्मारक
जानकारी के अनुसार, पील्लूर इलाके के जंगल में लगभग 15 फीट ऊंचा नक्सली स्मारक बनाया गया था. सर्चिंग अभियान के दौरान जवानों ने इसे पूरी तरह तोड़ दिया. इसी तरह तर्रेम थाना क्षेत्र के पेद्दागेलुर और कोत्तागुड़ा के जंगलों में बने तीन अन्य अवैध स्मारकों को भी सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया.

क्यों बनाए जाते हैं ऐसे स्मारक?
प्रशासन के अनुसार, नक्सली संगठन इन स्मारकों का निर्माण अपने साथियों का महिमामंडन करने और ग्रामीणों में डर का माहौल बनाने के लिए करते हैं. इन ढांचों को हटाकर सुरक्षा बल यह संदेश दे रहे हैं कि अब क्षेत्र में कानून का शासन स्थापित हो रहा है.
प्रशासन का कहना है कि माओवादियों द्वारा बनाए गए सभी अवैध ढांचों और हिंसा के प्रतीकों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित किया जा सके.

लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान
बीजापुर जिले में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. एक दिन पहले भी संयुक्त टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध नक्सली निर्माण और विस्फोटक सामग्री को नष्ट किया था. वहीं गुरुवार को इलमिड़ी थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा लगाए गए दो शक्तिशाली IED (बम) बरामद किए गए. दोनों बमों को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया.


