बीजापुर जिले के दरभा समेत कई गांव नक्सल मुक्ति के कगार पर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया दौरा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा बीजापुर के संवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे. इलवद पंचायत बनाने समाज प्रमुखों को प्रेरित किया. नक्सल-मुक्त पंचायतों को मिलेंगे एक करोड़ रुपए.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 8:12 PM IST
बीजापुर: उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा बुधवार को जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे. यहां उन्होंने नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शामिल पंचायतों के विकास को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के साथ बैठक की. बैठक में गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों से समाज प्रमुख और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

हिंसा के साथ विकास संभव नहीं: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हिंसा के साथ विकास कभी संभव नहीं होता. शासन बस्तर के हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जो युवा माओवादी विचारधारा से भटक गए हैं, उन्हें मुख्यधारा में लौटकर पुनर्वास का रास्ता अपनाना चाहिए.

ग्राम स्तर पर विकास मॉडल तैयार: उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गांव-गांव में विकास मॉडल तैयार किए जा रहे हैं. महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को सशक्त किया जा रहा है. स्थानीय वनोपजों का गांव में ही प्रसंस्करण किया जाएगा. ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और फिर व्यवसायी बनेंगे. इससे उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा

स्थानीय कैंप बने विकास केंद्र: विजय शर्मा ने कहा, नियद नेल्ला नार योजना के तहत स्थानीय सुरक्षा कैंप अब विकास के केंद्र बन चुके हैं. इनके माध्यम से गांवों में विकास कार्य संचालित हो रहे हैं. शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है.

नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा 1 करोड़: उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में सक्रिय युवाओं को समझाकर पुनर्वास कराएं. जो गांव खुद को नक्सल मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें योजना के तहत अतिरिक्त 1 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए दिए जाएंगे. केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा पंचायतों को नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए.
ग्रामीणों ने बताई बदली तस्वीर: बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार और आजीविका पर चर्चा हुई. ग्रामीणों ने बताया कि पहले नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया, अब गांवों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं. इससे गांवों में खुशी और उम्मीद का माहौल है.

महिला समूहों के उत्पादों का लिया स्वाद: कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का उपमुख्यमंत्री ने अवलोकन किया. उन्होंने खाद्य उत्पादों का स्वाद भी लिया. वनोपज के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की.
इस मौके पर एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास भीम सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर संबित मिश्रा, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज प्रमुख उपस्थित रहे.

