निगरानी विभाग ने ASI को गिरफ्तार किया, पिता पर दर्ज केस हटाने के बदले मांगी थी रिश्वत
निगरानी विभाग ने शिकारपुर थाने के एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी को 4 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया. जितेंद्र कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

Published : August 24, 2026 at 7:13 PM IST
प.चंपारण: बिहार के प.चंपारण स्थित नरकटियागंज में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने शिकारपुर थाना में तैनात एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. एएसआई पर विद्युत चोरी के मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है. निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
निगरानी विभाग में शिकायत: मिली जानकारी के मुताबिक नरकटियागंज के हरदी टेढ़ा निवासी अमृत कुमार ने निगरानी विभाग में एएसआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता का आरोप था कि विद्युत चोरी से जुड़ें मामले में मदद करने और केस खत्म कराने के नाम पर शिकारपुर थाना के एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी द्वारा चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी.
मामले का सत्यापन: शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपी एएसआई को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया. इसके बाद सोमवार को शिकायतकर्ता अमृत कुमार ने निगरानी टीम को सूचना दी कि वह एएसआई को रिश्वत की रकम देने जा रहा है.
एएसआई रंगेहाथ गिरफ्तार: शिकायतकर्ता की सूचना मिलते ही निगरानी विभाग की टीम ने नरकटियागंज के हाईस्कूल चौक के आसपास अपनी कार्रवाई की तैयारी पूरी की. जैसे ही एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी ने चार हजार रुपये की रिश्वत की रकम ली, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी एएसआई को अपने साथ ले गई.
चार हजार रुपये रिश्वत की मांग: शिकायतकर्ता अमृत कुमार ने बताया कि मेरे पिता के ऊपर एक मुकदमा था, उसको खत्म करने के लिए एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी द्वारा चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. मैं उनको पैसे नहीं देना चाहता था, इसलिए मैंने इसकी सूचना निगरानी विभाग को दी थी. आज निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
"मेरे पिता के ऊपर एक मुकदमा था, उसको खत्म करने के लिए एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी द्वारा चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. वो बार बार हमको फोन करके पैसों की मांग करते थे. मैं उनको पैसे नहीं देना चाहता था. इसलिए सूचना निगरानी विभाग को दी थी."- अमृत कुमार, शिकायतकर्ता
डीएसपी का बयान: वहीं, निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश माधव ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया था. सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की और एएसआई को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है.
"शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया था. सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की और एएसआई को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया." -सतीश माधव, डीएसपी,निगरानी विभाग
पुलिस महकमे में हड़कंप: फिलहाल निगरानी विभाग की टीम आरोपी एएसआई को अपने साथ ले गई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है. वहीं निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है.
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