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बिहार में में बीडीओ घूस लेते गिरफ्तार, निगरानी ने अधिकारी के मामा को भी दबोचा

बांका में निगरानी ने बीडीओ को घूस लेते गिरफ्तार किया है. इस दौरान अधिकारी के मामा को हिरासत में लिया गया है. रिपोर्ट-दीपक चौधरी

Bihar Vigilance
गिरफ्तार बीडीओ (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 1, 2026 at 12:38 PM IST

5 Min Read
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बांका. बिहार के बांका के फुल्लीडूमर प्रखंड के बीडीओ अमित प्रताप सिंह मंगलवार को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम के हत्थे चढ़ गए. पटना से पहुंची निगरानी की टीम ने बांका शहर के नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के निजी आवास पर कार्रवाई की. कार्रवाई के बाद बीडीओ और उनके मामा बच्चन प्रसाद सिंह को हिरासत में लेकर बांका परिसदन लाया गया, जहां दोनों से पूछताछ की गयी.

प्रखंड प्रमुख की शिकायत पर कार्रवाई: निगरानी विभाग के अनुसार यह कार्रवाई फुल्लीडूमर प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश की शिकायत पर की गई. प्रखंड प्रमुख ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि, पंचायती राज विभाग से संबंधित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति और राशि निकासी के एवज में बीडीओ द्वारा 75 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है.

निगरानी विभाग ने बिछाया जाल: शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का गुप्त सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की रणनीति तैयार की गई. मंगलवार सुबह डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में निगरानी की विशेष टीम बांका पहुंची और नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के आवास के आसपास निगरानी शुरू कर दी.

रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथ दबोचा: योजना के अनुसार शिकायतकर्ता प्रखंड प्रमुख तय रकम लेकर बीडीओ के आवास पहुंचे. जैसे ही कथित तौर पर 75 हजार रुपये की रिश्वत दी गई, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए बीडीओ अमित प्रताप सिंह को पकड़ लिया. मौके पर मौजूद उनके मामा बच्चन प्रसाद सिंह को भी हिरासत में लिया गया. बीडीओ को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है.

एक दिन पहले पूर्व मुखिया की हुई थी गिरफ्तारी: इस कार्रवाई को लेकर इसलिए भी चर्चा है, क्योंकि बीडीओ अमित प्रताप सिंह पिछले 24 घंटे से लगातार सुर्खियों में थे. सोमवार को फुल्लीडूमर प्रखंड कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर बीडीओ और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल के बीच विवाद हुआ था. बीडीओ ने पूर्व मुखिया पर मारपीट का आरोप लगाया था.

बीडीओ के चेंबर में हुआ था विवाद: बीडीओ ने फुल्लीडूमर थाना में दिए आवेदन में बताया था कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे वह अपने कार्यालय कक्ष में सरकारी कार्य कर रहे थे. इसी दौरान प्रदीप यादव, अशोक यादव और पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल उनके चेंबर में पहुंचे और जन्म प्रमाण पत्र बनाने का दबाव बनाने लगे. बीडीओ के अनुसार, उन्होंने तीनों को नियमों की जानकारी दी, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी गई.

बीडीओ ने लगाये थे गंभीर आरोप: प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि बीडीओ को जमीन पर पटक दिया गया और छाती पर मुक्का मारा गया. वहीं, पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल पर पैर से उनकी गर्दन दबाने का आरोप लगाया गया है. घटना में उनके बाएं हाथ, सिर और पीठ में चोट लगने की बात सामने आई है.

इलाज के बाद सदर अस्पताल रेफर: घटना के बाद बीडीओ का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडूमर में कराया गया. चिकित्सक डॉ. पूनम कुमारी ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल रेफर कर दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व मुखिया संजीव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

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मुखिया की गिरफ्तारी के बाद आक्रोशित लोग (ETV Bharat)

बंद मिले सीसीटीवी कैमरे: घटना की सूचना मिलते ही बांका अंचल के पुलिस निरीक्षक रामशंकर सिंह और थानाध्यक्ष गुलशन कुमार प्रखंड कार्यालय पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की, लेकिन तकनीकी कारणों से कैमरे बंद पाए गए. थानाध्यक्ष गुलशन कुमार ने बताया कि बीडीओ के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

"बीडीओ की ओर से आवेदन दिया गया था. पूर्व मुखिया पर मारपीट करने और सरकारी कार्य में दबाव बनाने का आरोप लगाया था. आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है."-गुलशन कुमार, थानाध्यक्ष

पूर्व मुखिया के समर्थकों ने किया चक्का जामछ पूर्व मुखिया की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और ग्रामीणों ने सोमवार शाम खेसर-रामपुर मुख्य मार्ग को पुरानी राता के पास जाम कर दिया. ग्रामीणों ने मांग की कि प्रखंड कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाए. उनका दावा था कि पूर्व मुखिया बीडीओ के साथ हो रही हाथापाई देखकर बीच-बचाव करने पहुंचे थे और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है.

समझा-बुझाकर हटवाया गया सड़क जामछ ग्रामीण निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. बाद में खेसर थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी ने ग्रामीणों को समझाकर सोमवार देर शाम करीब आठ बजे सड़क जाम हटवाया. अब अगले ही दिन बीडीओ के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है. बीडीओ की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही फुल्लीडूमर प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला प्रशासनिक महकमे तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.

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