'मेरी डिग्री नकली साबित करें या सुनील सिंह इस्तीफा दें..' विधान परिषद में चिल्लाकर बोले अशोक चौधरी
मंत्री अशोक चौधरी को 'नकली डिग्री धारी' कहने पर बिहार विधान मंडल में बवाल हो गया, सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ गया. पढ़ें पूरी खबर-

Published : February 18, 2026 at 2:57 PM IST
पटना : बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर मंत्री अशोक चौधरी के फर्जी डिग्री के मुद्दे पर बवाल हो गया. सदन में धान खरीदी पर चर्चा चल रही थी. सहकारिता मंत्री अशोक चौधरी जवाब दे रहे थे तभी विधान पार्षद सुनील सिंह अपनी सीट पर उठे और सीधे-सीधे उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी की नकली डिग्री का मुद्दा उछाल दिया. इस दौरान सदन में हंगामे की स्थिति बन गई.
'नकली डिग्री' विवाद पर संग्राम : बिहार विधान मंडल का बजट सत्र चल रहा है विधान परिषद में आज सहकारिता विभाग के सवाल हो रहे थे. सहकारिता विभाग के सवाल पर मंत्री अशोक चौधरी जवाब दे रहे थे. तभी विधान पार्षद सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी की तरफ इशारा करते हुए कह दिया कि- 'ये नकली डिग्री वाले लोग हैं...'. सुनील सिंह के इस बयान के बाद अशोक चौधरी सदन में ही जोर-जोर से चिल्लाते नजर आए. दोनों ओर से आरोप-पत्यारोप लगाए जाने लगे.

"मैं ये चुनौती देता हूं कि सुनील सिंह मेरी डिग्री को फर्जी साबित करें या फिर वो विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दें."- अशोक चौधरी, मंत्री, बिहार सरकार
इस सवाल से उपजा विवाद : ये विवाद उस वक्त शुरु हुआ जब MLC माहेश्वर सिंह ने पैक्स द्वारा नमी का बहाना बनाकर धान नहीं खरीदे जाने का मुद्दा सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि धान खरीदी के अंतिम दिन में 8 दिन रह गए हैं जबकि अभी भी 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी बाकी है. ऐसे में किसान मजबूरी में कम कीमत में धान बेच रहे हैं.
अशोक चौधरी दे रहे थे जवाब : धान खरीदी पर विधान पार्षद महेश्वर सिंह के सवाल का जवाब देने के लिए अशोक चौधरी उठे और सदन को जानकारी देते हुए कहने लगे कि बिहार में धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री से चर्चा चल रही है. उन्होंने ये भी कहा कि कहीं कम मात्रा में खरीदी चल रही होगी तो वहां कार्रवई की जाएगी.

जब अशोक चौधरी पर भड़के सुनील सिंह : अशोक सिंह ने प्रश्न पूछने वाले सदस्य पर तंज कसते हुए कहा कि 20 साल पहले क्या होता था? तब धान का प्रोक्योरमेंट ही नहीं होता था. उन्होंने प्रश्न पूछने वाले को जानकारी का अभाव करार दिया. जिससे सदन में मौजूद सुनील सिंह भड़क गए. उन्होंने तुरंत ही चेतावनी दी की महेश्वर सिंह की बुद्धि और समझदारी पर सवाल न खड़े करें.
'डिग्री कहां से आई ये मुझे पता..' : यहीं से सदन में विवाद बढ़ गया और सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वह चाहें तो नकली डिग्री से जुड़ी सच्चाई सामने ला सकते हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें पता कि उनकी डिग्री कहां से आई है और उन्होने उसे कैसे हासिल किया है.
सदन की कार्यवाही से सभापति ने हटाया : सुनील सिंह ने अपने जवाब में बोला कि 'अशोक कुमार और अशोक चौधरी कौन हैं?' जब सदन में शोर-शराबा बढ़ने लगा तो सभापति और मंत्री विजय चौधरी ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया. सभापति ने सुनील सिंह से कहा कि यदि कोई सदस्य किसी पर आरोप लगाता है तो उसे दस्तावेज और नियमों के आधार पर ही लगाना चाहिए. इस पूरे हंगामे को उन्होंने कार्रवाई से हटवा दिया.
हस्तक्षेप के बाद शुरू हो सकी चर्चा : हंगामा बढ़ता देख आसन की ओर से (सभापति) हस्तक्षेप किया गया. इस दौरान उन्होंने इस मुद्दे को सदन की प्रोसीडिंग का हिस्सा न बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने दोनों से आग्रह किया कि वह धान खरीदी के मुद्दे पर ही बात करें. तब जाकर दोनों के बीच धान खरीदी को लेकर सवाल-जवाब पर चर्चा शुरू हो सकी.
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