ये है बिहार में एक्शन, DTO समेत 40 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस, जानें कौन-कौन हैं शामिल?
राजस्व वसूली में लापरवाही पर परिवहन विभाग सख्त दिखाई पड़ रहा है. डीटीओ-एडीटीओ समेत 40 पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस


Published : February 26, 2026 at 4:16 PM IST
पटना : बिहार में निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होने पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी 2026 तक अपेक्षित राजस्व संग्रह नहीं होने पर विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO), मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) तथा प्रवर्तन अवर निरीक्षक सहित कुल 40 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश : परिवहन विभाग द्वारा की गई विभागीय समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई जिलों में निर्धारित राजस्व लक्ष्य के मुकाबले वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं रही है. समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने राजस्व संग्रहण में गंभीर शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया.
मांगा गया स्पष्टीकरण : मंत्री के निर्देश के आलोक में परिवहन विभाग ने संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के अंदर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध 'प्रपत्र क' गठित करते हुए विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी.
''निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना जिला स्तर पर तैनात परिवहन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी जिलों को विशेष अभियान चलाकर शेष वित्तीय अवधि में राजस्व संग्रहण में तेजी लाने और लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.''- श्रवण कुमार, परिवहन मंत्री, बिहार
किन्हें शो-कॉज किया गया? : विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस जिन जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को दिया गया है, उनमें भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास और समस्तीपुर शामिल हैं. वहीं अपर जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर पर किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पटना, वैशाली, भोजपुर, सीवान और मोतिहारी के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है.
इसके अलावा मोटर वाहन निरीक्षक स्तर पर मुजफ्फरपुर, बेतिया, नवादा, मोतिहारी, मधुबनी, सीतामढ़ी, पटना और गया के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है. वहीं प्रवर्तन अवर निरीक्षक पद पर भोजपुर, नवादा, मधेपुरा, लखीसराय, सुपौल, मधुबनी, बेतिया, बक्सर और मुजफ्फरपुर जिले के पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है.
आगे भी होगी समीक्षा : परिवहन विभाग की इस कार्रवाई को राजस्व वसूली में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी प्रशासनिक पहल माना जा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार आगामी दिनों में जिलावार राजस्व संग्रहण की लगातार समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है.
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