अब बिहार के लोग भी कर सकेंगे कैरावैन की सवारी, 5 स्टार होटल जैसी सुविधा, जानें किराया और खासियत
बिहार में जल्द कैरावैन बस चलेगी. मूविंग फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैस इस कैरावैन का किराया कितना है और क्या खासियत है जानें.

Published : November 27, 2025 at 3:17 PM IST
पटना: बिहार में पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से राज्य पर्यटन विभाग एक बड़ी पहल करने जा रहा है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम जल्द ही पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त कैरावैन बसों की सेवा उपलब्ध कराएगा. ये बसें चलते-फिरते सितारा होटल जैसी सुविधा प्रदान करेंगी.
बिहार में दौड़ेगी कैरावैन: यह पहल राज्य में पर्यटन को आधुनिक और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. फिलहाल दो बसें पटना आ चुकी हैं और जल्द ही इनकी बुकिंग की सुविधा भी शुरू होने वाली है. यह कैरावैन चंडीगढ़ की कंपनी 'जेसीबीएल' ने तैयार की है.
आधुनिक तकनीक से लैस लग्जरी कैरावैन: कैरावैन बसें सामान्य बसों की तरह नहीं हैं, बल्कि इन्हें पूरी तरह से लग्जरी और होटल-कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है. इनका इंटीरियर इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यटक यात्रा के दौरान आराम, मनोरंजन और सुविधा का पूर्ण अनुभव ले सकें.
बसों में टीवी देखने, संगीत सुनने, आराम से सोने, भोजन बनाने और बाथरूम उपयोग की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इस वजह से पर्यटकों को यात्रा में कहीं होटल या रेस्टोरेंट खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

सितारा होटल जैसी लग्जरी सुविधाएं: कैरावैन बसों में कुल 7 प्रीमियम सीटें और 4 आरामदायक स्लीपर बर्थ बनाए गए हैं. बस के अंदर पांच एलईडी टीवी, मिनी किचन और वॉशरूम की सुविधा है, जिससे परिवार या समूह के साथ यात्रा बेहद आसान हो जाती है. बसों की डिजाइन ऐसी है कि ये पर्यटकों को एक निजी और सुरक्षित स्पेस देती हैं. पर्यटक इस बस में बैठकर खाना पका सकते हैं, फिल्में देख सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं और आराम से पूरा समय बिता सकते हैं.
पर्यटकों के लिए स्वतंत्रता और अनुकूल यात्रा अनुभव: कैरावैन बसों की सबसे बड़ी विशेषता है कि यात्रा पूरी तरह से पर्यटकों की पसंद के अनुसार होगी. वे जहां चाहें बस रोक सकते हैं, जहां चाहें घूम सकते हैं और जितना समय चाहें किसी भी स्थान पर बिता सकते हैं. यह किसी भी निर्धारित पैकेज की तरह बंधी हुई यात्रा नहीं है, बल्कि एक निजी यात्रा अनुभव है. इससे परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा का आनंद कई गुना बढ़ जाता है.

बायक पैकेज और कई टूर विकल्प जल्द: बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इन बसों को विशेष टूर पैकेज का हिस्सा भी बनाएगा. इनमें बोधगया-नालंदा डे ट्रिप, राजगीर टूर या वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सफारी जैसे विकल्प शामिल किए जाएंगे. पर्यटक इन बसों को निगम की आधिकारिक वेबसाइट bstdc.bihar.gov.in या निर्धारित मोबाइल नंबरों के माध्यम से बुक कर सकेंगे. इससे घरेलू और विदेशी दोनों तरह के पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है.

किराया और बुकिंग की विशेष व्यवस्था: बिहार पर्यटन निगम के ट्रांसपोर्ट मैनेजर रत्नेश कुमार ने बताया कि कैरावैन बसों का किराया 75 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया है, जिसमें कम से कम 250 किलोमीटर यात्रा अनिवार्य होगी. इसके अलावा दिनभर की बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके तहत एक दिन के लिए बस को लगभग 20 हजार रुपए में लिया जा सकेगा.
"पटना शहर में 12 घंटे और 75 किलोमीटर की यात्रा के लिए 11,000 रुपए में बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी. यह सभी विकल्प पर्यटकों के बजट और यात्रा आवश्यकताओं के अनुसार तय किए गए हैं."- रत्नेश कुमार, ट्रांसपोर्ट मैनेजर, बिहार पर्यटन निगम
आर्थिक लाभ और रोजगार के अवसर: रत्नेश कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है. अनुमान है कि इन बसों की बुकिंग से हर वर्ष करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा.

एक बस के संचालन से 50 से 60 लोगों को रोजगार मिलेगा, जिसमें ड्राइवर, गाइड, शेफ और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं. दोनों बसों के रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग को आवेदन भेजा गया है और ऑल इंडिया ट्रैवल परमिट के लिए अप्लाई किया गया है.
यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और कम खर्च: पर्यटकों के लिए यह सेवा आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित होगी. जेसीबीएल के मैनेजर विशाल रतन ने ईटीवी भारत को कैरावैन के फीचर के बारे में डिस्क्राइब करते हुए बताया कि लंबे समय तक होटल में रहने का खर्च काफी अधिक होता है, पर कैरावैन में मिनी किचन होने की वजह से पर्यटक स्वयं भोजन बना सकते हैं और खर्च बचा सकते हैं.

"साथ ही यह परिवार के साथ समय बिताने का बेहतरीन अवसर भी देगा. गेम खेलना, साथ में खाना बनाना, और यात्रा के दौरान अलग-अलग दर्शनीय स्थलों का आनंद लेना अब और भी आसान होगा."- विशाल रतन, मैनेजर, जेसीबीएल
अत्याधुनिक तकनीक से लैश: विशाल रतन ने बताया कि कैरावैन में चार बेड है, जिसमें दाहिने तरफ के जो दो बेड हैं, वह ऑर्थोपेडिक मैट्ट्रेस वाले हैं. जिनको बैक पेन और सर्वाइकल की समस्या है उनके लिए यह बेड आरामदायक है. जबकि बाईं तरफ के दो बेड पर नॉर्मल मैट्ट्रेस है. वॉशरूम में हाई प्रेशर फ्लस सिस्टम है.
इसके अलावा इस कैरावैन में ड्रेसिंग टेबल भी है, जहां आईने के सामने तैयार हो सकते हैं. इन सबके अलावा ड्रेसिंग टेबल के पास कॉस्मेटिक सामान रखने के भी काफी स्पेस है. इसके अलावा जो चार चेयर है वह 360 डिग्री मूव करने वाले हैं. सब कुछ इलेक्ट्रॉनिक मोडिफाइड है जहां आप एक बटन दबाकर कांच पर पर्दा चढ़ा सकते हैं और उतार सकते हैं.

बिहार के पर्यटन स्थलों को मिलेगा नया आयाम: बिहार में नालंदा, बोधगया, वैशाली, राजगीर, चंपारण और वाल्मीकि नगर जैसे कई मशहूर पर्यटन स्थल हैं. पर्यटन विभाग का मानना है कि कैरावैन सेवा की शुरुआत से इन स्थानों पर पर्यटकों की आवाजाही और सुविधाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
यादगार होगा सफर: यह सेवा पर्यटकों के अनुभव को और अधिक आकर्षक, सुलभ और यादगार बनाएगी. इन सबको देखें तो यह पहल बिहार के पर्यटन को नई दिशा देने और राज्य की छव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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