VB-G RAM G योजना के लिए बिहार में परिषद का गठन, लोगों को 125 दिनों का मिलेगा रोजगार
1 जुलाई से देश में वीबी जी रामजी योजना शुरू होगी. इसको लेकर बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में परिषद का गठन किया गया है.

Published : June 30, 2026 at 10:45 AM IST
पटना: मनरेगा की जगह विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण योजना (वीबीजीरामजी) 1 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है. इस नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा. बिहार सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद का गठन किया गया है.
मुख्यमंत्री स्तर पर निगरानी: परिषद में मुख्यमंत्री के अलावा ग्रामीण विकास, वित्त, पंचायती राज, शिक्षा, पर्यावरण-वन, जल संसाधन, राजस्व, ग्रामीण कार्य, कृषि, एससी-एसटी कल्याण, श्रम संसाधन और लघु जल संसाधन मंत्री सदस्य बनाए गए हैं. मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, ग्रामीण विकास प्रधान सचिव और योजना निदेशक पदेन सदस्य होंगे. साथ ही पंचायती राज संस्थाओं, श्रमिक संगठनों और कमजोर वर्गों से अधिकतम 15 गैर-सरकारी सदस्य नामित किए जाएंगे, जिनमें एक तिहाई महिलाएं होंगी. योजना की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से की जाएगी.

राज्य स्तरीय समिति और जिला-प्रखंड व्यवस्था: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित की गई है. जिलों में डीएम को जिला कार्यक्रम समन्वयक और प्रखंड स्तर पर बीडीओ को कार्यक्रम पदाधिकारी बनाया गया है. यह व्यवस्था योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और निगरानी को मजबूत बनाने के लिए की गई है.
देशभर में एक समान मजदूरी की मांग: दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पूरे देश में एक समान मजदूरी लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि मजदूरों को समान लाभ मिलना चाहिए. नई योजना में मजदूरी भुगतान में देरी होने पर ब्याज देने का भी प्रावधान है. भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में किया जाएगा.
125 दिन काम, राज्य पर बढ़ा वित्तीय बोझ: मनरेगा के 100 दिनों के बदले नई योजना में 125 दिन का रोजगार गारंटीड होगा. हालांकि राज्य सरकार को अब कुल व्यय का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करना पड़ेगा, जबकि पहले केवल 10 प्रतिशत देना पड़ता था. इससे बिहार सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन सरकार इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी मान रही है.

कृषि पर फोकस, विकसित भारत 2047 लक्ष्य: प्रत्येक ग्राम पंचायत विकसित भारत 2047 के अनुरूप योजना तैयार करेगी. विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर जोर दिया जाएगा ताकि खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो. यह योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित रहेगी.
अधिकारियों को दी गई मंजूरी की शक्तियां: योजना को तेज गति देने के लिए प्रशासनिक मंजूरी के अधिकार सौंपी गए हैं. पंचायत को 10 लाख, कार्यक्रम अधिकारी को 15 लाख, डीडीसी को 1 करोड़ और डीएम को 30 करोड़ रुपये तक की योजनाओं की मंजूरी का अधिकार मिला है. इंजीनियरिंग पदाधिकारियों को भी समान सीमा में मंजूरी देने का अधिकार दिया गया है.
पात्रता और भुगतान की व्यवस्था: रजिस्टर्ड परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, जिसका नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज हो, अकुशल शारीरिक श्रम के लिए आवेदन कर सकेगा. मजदूरी का भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाएगा. बिहार सरकार उम्मीद जताती है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी.
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