'नीतीश कुमार ने जो संकल्प लिया.. उसे पूरा करेंगे', ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताई प्राथमिकता
ग्रामीण विकास मंत्री बनने के बाद श्रवण कुमार ने अपनी प्राथमिकता बताई. उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार के संकल्प को पूरा करने की कोशिश करेंगे.' पढ़ें..

Published : May 8, 2026 at 1:32 PM IST
पटना: श्रवण कुमार पूर्व सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से आठ बार विधायक बनने के साथ आठवीं बार मंत्री पद की शपथ ली है. सात बार नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री बने हैं और इस बार सम्राट चौधरी की सरकार में फिर से ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है. साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग भी श्रवण कुमार के पास ही है. वहीं नीतीश कुमार ने उनको जेडीयू विधायक दल का नेता भी बनाया है.
फिर से मिला ग्रामीण विकास विभाग: एक बार फिर से ग्रामीण विकास विभाग मिलने पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास को लेकर लगातार काम हो रहा है, आगे भी करेंगे. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तो पहले से तय है. इस बार नई चीज यही है कि हमारे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है. ऐसे में बिहार को देश के टॉप फाइव राज्यों में शामिल करने के लिए हम लोग अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का जो संकल्प है, उसे हम लोग पूरा करेंगे.
"नीतीश कुमार के नेतृत्व में देश में पहली बार बिहार में सात निश्चय योजना की शुरुआत की गई थी, जिससे बिहार के गांव की तस्वीर बदल गई है. गरीबों के घर में शौचालय का निर्माण कराया गया, बिजली पहुंचाई गई, पेयजल पहुंचाया गया, पक्की सड़क का निर्माण किया गया, नाली का निर्माण किया गया है."- श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग
गरीबों के लिए एक करोड़ पक्का मकान: श्रवण कुमार ने कहा कि हम लोगों ने जो सूची तैयार की है, उसमें एक करोड़ चार लाख 90000 लोग शामिल है. इस सूची को हमने केंद्र सरकार को भेजा है. केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही हम लोग इस पर काम शुरू कर देंगे. फिलहाल प्रतीक्षा सूची के तहत 49 लाख घरों का निर्माण का काम चल रहा है. प्रधानमंत्री आवास योजना से जो छूट गए हैं, उसे मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हम लोग घर दे रहे हैं.

सरकार बदलने का क्या असर होगा?: सरकार बदल गई है. चेहरा भी बदल गया है तो क्या लगता है कि इसका असर होगा? इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि कोई असर नहीं पड़ेगा. विकास की रफ्तार जो है, वह और तेज होगी. डबल इंजन की सरकार का फायदा भी मिलेगा.
खजाना खाली होने पर क्या बोले?: इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि खजाना तो खाली होता ही है. विकास के लिए फिर खजाना भरता भी है. यदि खजाने में पैसे रखे रहे तो विकास का काम कैसे होगा. हमारे वित्त मंत्री ने कहा भी है कि जरूरत पड़ती है तो विश्व बैंक से भी लोन लेने की व्यवस्था है. विपक्ष के आरोप पर कहा कि बैंकों से पैसा लेने का प्रोविजन है. खर्च करने का भी प्रोविजन है लेकिन घोटाले का कोई प्रोविजन नहीं है.

कार्यकर्ताओं की डिमांड पर निशांत मंत्री बने: निशांत को लेकर यह चर्चा थी कि वह मंत्री नहीं बनना चाह रहे हैं लेकिन एकएका फैसला हुआ तो क्या बड़ी जिम्मेदारी उन्हें आगे मिलेगी? इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि यह सच है कि निशांत सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते थे लेकिन यात्रा के दौरान जिस प्रकार से लोगों ने डिमांड की और उसी के बाद उन्होंने मंत्री बनने का फैसला लिया है. नीतीश कुमार ने कभी भी उन्हें राजनीति में आने के लिए नहीं कहा.
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