बिहार में एक हजार से अधिक साइबर अपराधी गिरफ्तार, EOU की बड़ी कार्रवाई
बिहार में एक हजार से अधिक साइबर अपराधी गिरफ्तार हुए हैं. EOU ने इस साल बड़ी कार्रवाई की. 25 लाख से ज्यादा शिकायत दर्ज हुई.

Published : December 20, 2025 at 1:59 PM IST
पटना: बिहार में साइबर अपराध के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 2025 में बड़ी कार्रवाई की है. NCRP हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से 15 दिसंबर तक कुल 24.38 लाख फोन कॉल का जवाब दिया गया है. साइबर ठगी मामलों में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गईं और पीड़ितों को आवश्यक सुझाव वव सहायता भी उपलब्ध कराई गई.
25 लाख से ज्यादा शिकायत दर्ज: EOU के अनुसार वर्ष 2025 में NCRP पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय साइबर ठगी से संबंधित कुल 1.10 लाख शिकायतें दर्ज की गईं. सोशल मीडिया और अन्य साइबर अपराधों से जुड़ी कुल 24.10 हजार ऑनलाइन शिकायतें प्रतिवेदित की गईं. इन शिकायतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों में कुल 106.30 करोड़ रुपये की राशि को होल्ड कराया गया. कुल प्रतिवेदित राशि का 21.74 प्रतिशत है.
अनजान व्यक्ति से अपनी कोई भी निजी जानकारी साझा न करें,
— Bihar Police (@bihar_police) December 20, 2025
वरना आप साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में साइबर #हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
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1 हजार आरोपी गिरफ्तार: साइबर थानों के प्रयास से इस वर्ष अब तक 7.36 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई है. राज्य के सभी साइबर थानों में वर्ष 2025 में साइबर अपराध के कुल 5624 कांड दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में संलिप्त कुल 1000 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
साइबर इंटेलिजेंस की बड़ी भूमिका: EOU की साइबर इंटेलिजेंस टीम ने साइबर अपराध में प्रयुक्त तकनीकी संसाधनों पर भी कड़ा शिकंजा कसा है. 2025 में अब तक साइबर अपराध में प्रयुक्त 9252 मोबाइल नंबर और 38,401 IMEI नंबर को ब्लॉक कराया गया है. इसके अलावा ‘प्रतिबिंब’ पोर्टल पर प्राप्त सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संबंधित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए.
साइबर प्रहार अभियान में गिरफ्तारी: इसी सूचनाओं के आधार पर चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान ‘साइबर प्रहार’ के तहत वर्ष 2025 में 15 दिसंबर तक कुल 171 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है. साइबर अपराध में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच के बाद कुल 616 म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) को चिह्नित कर संबंधित जिलों को विधि-सम्मत कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है. इस क्रम में बेगूसराय साइबर थाना द्वारा अब तक 2 कांड दर्ज कर 4 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
ऑनलाइन रेटिंग, आसान काम और मोटी कमाई का लालच —ऐसे ऑफ़र में पैसे नहीं, सिर्फ़ ठगी होती है !
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सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोहों पर शिकंजा: EOU की विशेष गठित साइबर ऑपरेशन टीम ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े गिरोहों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है. सिम बॉक्स के अवैध संचालन के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सुपौल, वैशाली, भोजपुर, दरभंगा समेत अन्य जिलों में छापेमारी की गई.
मुख्य सरगना सहित कई अपराधी गिरफ्तार: मुख्य सरगना सहित कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 16/25 में 5, कांड संख्या 17/25 में 1 तथा दरभंगा साइबर थाना कांड संख्या 72/25 में 3 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है. इन मामलों में भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है.
फर्जी वेबसाइट का खुलासा: इसी तरह मधेपुरा में फर्जी वेबसाइट बनाकर आधार और पहचान से जुड़ा डेटा चोरी कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया. इस मामले में 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 23/25 दर्ज किया गया है.
इनाम, ऑफर या पैसे डबल करने के लालच में न पड़ें, ऐसे किसी भी लुभावने ऑफर्स से बचें..!
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सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर अपने नजदीकी साइबर थाने या📞1930 या https://t.co/bjbGVWDpMs पर संपर्क करें।#BiharPolice #Bihar #cybercrime #cybersecurity #CyberAwareness pic.twitter.com/Nm5YcCfJDl
प्रशिक्षण और जागरूकता पर जोर: साइबर अपराध से निपटने के लिए आर्थिक अपराध इकाई प्रशिक्षण और जागरूकता पर भी लगातार काम कर रही है. वर्ष 2025 में अब तक राज्य के सभी जिलों के 46 पुलिस उपाधीक्षक समेत कुल 440 पुलिस पदाधिकारियों को साइबर अपराध अनुसंधान से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है. बिहार के दो पुलिस पदाधिकारी साइबर कमांडो का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. जबकि 15 अन्य पदाधिकारियों का चयन इस प्रशिक्षण के लिए किया गया है.
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक: राज्यभर में 683 सार्वजनिक स्थलों और 445 स्कूल-कॉलेजों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. साइबर जागरूकता सप्ताह और ‘Cyber Hackathon 2025’ के माध्यम से भी आम लोगों और युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया.
साइबर स्लेवरी के खिलाफ भी कार्रवाई: आर्थिक अपराध इकाई ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर स्लेवरी में धकेलने वाले अवैध एजेंटों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है. भारत सरकार के सहयोग से वर्ष 2025 में अब तक कुल 29 पीड़ितों को दक्षिण एशियाई देशों से सुरक्षित वापस लाया गया है. इस मामले में संबंधित थानों में कांड दर्ज कर आगे की जांच जारी है.
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