पटना में PhD होल्डर्स का अनशन खत्म, राज्यपाल से मुलाकात में इन मांगों पर बनी सहमति
PhD होल्डर्स छात्रों का अनशन खत्म, राज्यपाल से वार्ता के बाद सहायक प्राध्यापक भर्ती नियमावली में संशोधन पर बनी सहमति. रिपोर्ट कृष्णनंदन


Published : August 24, 2026 at 11:27 PM IST
पटना: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परिनियम-2026 के विरोध में 21 दिनों से जारी PhD होल्डर्स का अनशन खत्म हो गया है. राज्यपाल से हुई मुलाकात में प्रदर्शनकारियों की पांच मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद अनशन समाप्त करने का फैसला लिया गया.
पटना में PhD होल्डर्स का अनशन खत्म : सोमवार को छात्रों के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की थी. करीब 2 घंटे तक चली वार्ता के बाद सहमति बनी. बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार के लिए 15 दिन में कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया.

राज्यपाल से बनी सहमति: इसके बाद आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी सहमति जताई और कहा कि अब उनके प्रतिनिधि अनशन तोड़ देंगे और 25 अगस्त को प्रस्तावित सीएम हाउस घेराव भी नहीं करेंगे. इसके बाद छात्रों ने अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया.
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती नियम पर रोक : PhD छात्रों की मुख्य मांग सहायक प्राध्यापक भर्ती परिनियम-2026 में आवश्यक बदलाव करने की थी. छात्रों की मांग थी कि मौजूदा भर्ती नियम में संशोधन किए बिना सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं हो, जिसे मान लिया गया.

किन मुद्दों पर बनी सहमति?
- नियमावली 2026 तत्काल स्थगित: भर्ती परिनियम में आवश्यक संशोधनों के बिना अब कोई भी नियमित या संविदा बहाली नहीं होगी.
- 15 दिनों में उच्चस्तरीय समिति: मुख्यमंत्री से विमर्श के बाद शीर्ष शिक्षाविदों और अनुभवी प्रशासकों की उच्चस्तरीय समीक्षा कमेटी का गठन होगा.
- पारदर्शी परीक्षा और मेरिट: बहाली के लिए वस्तुनिष्ठ (Objective) लिखित परीक्षा होगी; परीक्षा अंक और API स्कोर को जोड़कर समेकित मेरिट लिस्ट बनेगी.
- PhD को मजबूत अधिमानता: API में PhD का वेटेज कम से कम 30 अंक तय, 10वीं और 12वीं के अंक अब नहीं जुड़ेंगे.
- उम्र सीमा 55 वर्ष: अभ्यर्थियों के हित में अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष रखने पर सहमति.
- अतिथि प्राध्यापकों का सम्मान: संविदा शिक्षकों की तर्ज पर न्यूनतम वेतनमान, DA, एकसमान नवीनीकरण और 65 वर्ष तक सेवा अवसर पर कमेटी करेगी विचार.
क्या थी आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें : पीएचडी डिग्रीधारी असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति में शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों के अनुरूप उचित अवसर देने की मांग कर रहे थे. इसके साथ ही पुरानी यूजीसी नियमावली लागू करने की मांग है. आंदोलनकारियों के मुताबिक नेट के लिए पांच अंक, जेआरएफ के लिए सात अंक, पीएचडी के लिए 30 अंक और एमफिल के लिए पांच अंक का वेटेज दिया जाना चाहिए. इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति में अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने, उच्च शिक्षा में नियुक्तियों में डोमिसाइल नीति लागू करने और स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों के अंग के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी.

